कंटाप
NEWS
गुरुवार, 10 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
शी जिनपिंग के दौरे की चीन पुष्टि क्यों नहीं कर रहा, क्या भारत ने अपनी अहम मांग छोड़ दी      याचना नहीं, अब रण होगा; भाजपा नेता गौरव भाटिया की सौरभ दास को खुली चुनौती, National Hindi News      शिमला जिला परिषद चुनाव हारी सत्ताधारी कांग्रेस, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर BJP की जीत, दिल्ली से लौटते ही CM को म...      नंदीग्राम में TMC के अबू ताहिर ने कर दिया खेल, BJP को समर्थन, ममता को दी चुनौती      हनुमान जी का दैवीय चमत्कार देख प्रशासन का यूटर्न, SDM बोले- बजरंगबली को हटाने की कोशिश ही नहीं हुई      आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास, मायावती ने एक दिन पहले ही रखी थी शर्त      अमृता फडणवीस बोलीं- मुझे ट्रोलिंग वाइफ बना रहे: गरबा में मुस्लिम एंट्री की बात दोहराई; 2023 में मुस्लिम के ...      हरीश द्विवेदी युवा मोर्चा, सतीश पूनिया को ST मोर्चे की कमान... BJP ने प्रभारियों का किया ऐलान     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
बॉलीवुड

जन्मदिन विशेष: फुटपाथ पर रात बिताने वाले निर्देशक अनुराग कश्यप के जीवन का कड़ा संघर्ष

बॉलीवुड के जाने-माने और बेबाक निर्देशक अनुराग कश्यप अपने 54वें जन्मदिन के मौके पर चर्चा में हैं। उनका शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है, जिसमें फुटपाथ पर रात गुजारने और पिता द्वारा उधार लेकर पढ़ाने जैसी बातें शामिल हैं।

A
Ankit Yadav
10 सित 2026, 12:33
जन्मदिन विशेष: फुटपाथ पर रात बिताने वाले निर्देशक अनुराग कश्यप के जीवन का कड़ा संघर्ष
भारतीय सिनेमा जगत में अपनी एक अलग और अनूठी पहचान बनाने वाले प्रसिद्ध फिल्मकार अनुराग कश्यप इन दिनों अपने जीवन के सफर को लेकर सुर्खियों में हैं। अपने काम में यथार्थवादी और बोल्ड विषयों को पिरोने के लिए मशहूर इस निर्देशक ने जीवन के शुरुआती दौर में काफी मुश्किलों का सामना किया है। आज भले ही वे इंडस्ट्री के शीर्ष निर्देशकों की सूची में गिने जाते हैं, लेकिन उनका यह मुकाम आसान नहीं था। उनके चाहने वाले और फिल्म समीक्षक अक्सर उनके इस प्रेरणादायक सफर पर चर्चा करते हैं, जो युवाओं के लिए किसी सबक से कम नहीं है।

संघर्ष के शुरुआती दिन और लखनऊ से जुड़ाव

अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों में अनुराग कश्यप को मुंबई जैसी नगरी में टिके रहने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। एक दौर ऐसा भी था जब उनके पास सिर छिपाने के लिए छत नहीं थी और उन्हें कई रातें खुले आसमान के नीचे फुटपाथ पर गुजारनी पड़ी थीं। उनके पिता ने अपनी सीमित आय और आर्थिक तंगी के बावजूद दूसरों से कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई पूरी कराई थी ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे लखनऊ और अन्य इलाकों के युवा भी सिनेमाई दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए ऐसे ही कड़े संघर्षों से गुजरते हैं।

'वासेपुर' को लेकर उनकी अनोखी प्रतिक्रिया

उनके फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने कई बेहतरीन और कल्ट फिल्में भारतीय सिनेमा को दी हैं। हालांकि, उनकी मास्टरपीस फिल्मों में गिनी जाने वाली 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का जिक्र होने पर अक्सर उनके तेवर बदल जाते हैं और वे चिढ़ते नजर आते हैं। कई बार साक्षात्कारों या सार्वजनिक मंचों पर इस फिल्म के बारे में बार-बार पूछे जाने पर उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है, क्योंकि उनका मानना है कि एक निर्देशक के रूप में उन्होंने और भी कई महत्वपूर्ण काम किए हैं और सिर्फ एक ही प्रोजेक्ट तक सीमित रहना उन्हें पसंद नहीं है।

सिनेमा जगत पर अमिट प्रभाव

आज अनुराग कश्यप अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं और इस अवसर पर उनके प्रशंसक सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। उनके संघर्ष की दास्तान यह साबित करती है कि बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के भी यदि कोई व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन पर भरोसा रखे, तो वह उद्योग में अपनी एक अलग जगह बना सकता है। आने वाले समय में उनकी नई परियोजनाओं से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं, और उनका यह सफर हमेशा फिल्म प्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज