कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
बॉलीवुड

कानूनी शिकंजा: विमल विज्ञापन नोटिस पर महाराष्ट्र एफडीए प्रमुख की दो टूक, कहा- बख्शे नहीं जाएंगे सितारे

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बॉलीवुड के बड़े सितारों को विमल विज्ञापन मामले में कड़ा संदेश दिया है। एफडीए प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर किसी को नहीं बख्शा जाएगा।

X
Kantap News डेस्क
19 अग 2026, 11:42
कानूनी शिकंजा: विमल विज्ञापन नोटिस पर महाराष्ट्र एफडीए प्रमुख की दो टूक, कहा- बख्शे नहीं जाएंगे सितारे
मनोरंजन जगत और विज्ञापनों की दुनिया में उस समय खलबली मच गई जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने शीर्ष फिल्मी हस्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। इस मामले में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े कलाकारों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें उनसे एक खास पान मसाला ब्रांड से जुड़ी विज्ञापनों में उनकी भूमिका और संलिप्तता का स्पष्टीकरण मांगा गया है। नियामक संस्था का साफ तौर पर यह कहना है कि इस प्रकार के विज्ञापन परोक्ष रूप से प्रतिबंधित उत्पादों को बढ़ावा देते हैं जो जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। महाराष्ट्र एफडीए के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि कानून सबके लिए समान है और सेलिब्रिटीज अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल करके जनता को गुमराह नहीं कर सकते।

कड़ा रुख और कानूनी नोटिस के मायने

प्रशासन द्वारा अभिनेताओं को भेजे गए इन नोटिसों में यह पूछा गया है कि उन्होंने इस प्रकार के सरोगेट विज्ञापनों का समर्थन क्यों किया और क्या उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इससे समाज में क्या संदेश जा रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियमों के तहत तंबाकू और गुटखा उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर कड़े प्रतिबंध हैं। एफडीए के इस कड़े कदम से यह संदेश गया है कि केवल फिल्मी पर्दे का स्टारडम किसी को भी कानून से ऊपर नहीं उठा सकता। उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य संगठनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे युवाओं को सही दिशा मिलेगी और बड़े सितारों में जिम्मेदारी की भावना पैदा होगी।

भविष्य में विज्ञापनों की दिशा और प्रभाव

इस कानूनी कार्रवाई के बाद से बॉलीवुड के अन्य कलाकारों और विज्ञापन एजेंसियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। सितारे अब किसी भी ब्रांड के साथ अनुबंध करने से पहले उसके उत्पादों की कानूनी और नैतिक वैधता की बारीकी से जांच करने लगे हैं। यदि ये सितारे संतोषजनक जवाब देने में असफल रहते हैं, तो प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा प्रकरण इस बात का गवाह है कि नियामक एजेंसियां अब जनहित के मामलों में कितनी गंभीर हो चुकी हैं और वे नियमों का पालन करवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज