डिजिटल प्लेटफॉर्म और रिलीज की रूपरेखा
फिल्म जगत में बहुप्रतीक्षित मानी जा रही निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म रामायण पार्ट 1 के लिए डिजिटल अधिकारों से जुड़ा आधिकारिक समझौता फाइनल कर लिया गया है। इस कड़ी में बुधवार को फिल्म की निर्माण टीम और प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच हुए करार की पुष्टि कर दी गई। इसके तहत रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे बड़े कलाकारों से सजी इस बड़ी परियोजना को जियोहॉटस्टार पर प्रसारित किया जाएगा। इससे पहले धुरंधर द रिवेंज को भी इसी मंच पर लाया जा चुका है, लेकिन रणबीर कपूर की इस फिल्म को देखने का तरीका थोड़ा अलग रहेगा। यह सिनेमाई कृति 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में दिवाली के पावन अवसर पर बड़े पर्दे पर उतारी जाएगी। फिल्म के निर्माताओं ने इसे आईमैक्स 3डी प्रारूप में भी प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है। सिनेमाघरों में अपना प्रदर्शन पूरा करने के बाद यह रचना ऑनलाइन माध्यमों पर दर्शकों तक पहुंचाई जाएगी। हालांकि इसके ऑनलाइन आने की कोई पक्की तिथि अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन उद्योग जगत के जानकारों के अनुसार सामान्य नियमों के तहत यह जनवरी 2027 के आसपास इंटरनेट पर स्ट्रीम की जा सकती है।
पे पर व्यू मॉडल और प्रबंधन की प्रतिक्रिया
दर्शक इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का आनंद लेने के लिए पारंपरिक मासिक या वार्षिक सदस्यता का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसके लिए एक खास ऑन डिमांड व्यवस्था तैयार की गई है जिसे पे पर व्यू विकल्प कहा जाता है। इस अनोखी प्रणाली के माध्यम से दर्शक तय शुल्क का भुगतान करके ही इस महाकाव्य आधारित फिल्म को देख सकेंगे। इस साझेदारी के संबंध में जियोस्टार की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि यह प्राचीन गाथा हमारी महान सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है जिसने पीढ़ियों से हमारी कल्पनाओं और जीवन शैली को गहराई से प्रभावित किया है। तकनीक के जरिए बेहतरीन कलाकृतियों को हर घर तक पहुंचाना इस डिजिटल मंच का मुख्य उद्देश्य है। इसी क्रम में डीएनजीई के निर्माता और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमित मल्होत्रा ने भी अपने विचार साझा किए हैं। उनका मानना है कि इस ऐतिहासिक गाथा को सबसे बड़े पर्दे यानी आईमैक्स 3डी में देखना सबसे अच्छा अनुभव होता है। हालांकि देश का ढांचागत सिनेमा तंत्र हर उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता जिसके मन में इस महाकाव्य के प्रति अगाध श्रद्धा है। इसलिए इस डिजिटल सेवा प्रदाता को एक स्वाभाविक सहयोगी के रूप में चुना गया है जो तकनीक के माध्यम से पूरे देश को मनोरंजन के धागे में पिरोता है।
सिनेमाई अनुभव और भविष्य की योजना
फिल्म के निर्माता और निर्देशकों की ओर से दर्शकों को यह विशेष सलाह दी जा रही है कि वे इसे ऑनलाइन देखने से पहले सिनेमाघरों की भव्य स्क्रीन पर अनुभव करें। सिनेमाघरों में फिल्म का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ही लोगों को घरों पर इसे देखने का मौका मिलेगा। इस परियोजना से जुड़े सभी प्रमुख लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस महान कृति का मूल प्रभाव केवल बड़े पर्दे पर ही पूरी तरह महसूस किया जा सकता है। निर्माताओं का स्पष्ट मानना है कि हर भारतीय के दिल के करीब बसी इस कथा को बड़े पर्दे के बाद अब तकनीक के जरिए घर-घर तक पहुंचाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। उद्योग के पुराने रुझानों को देखें तो अमूमन बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में उतरने के करीब आठ से दस सप्ताह बाद ही ओटीटी माध्यमों पर दस्तक देती हैं। इसी वजह से जनवरी 2027 के शुरुआती हफ्तों में इस फिल्म के डिजिटल पटल पर आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। नई पीढ़ी को कर्तव्य, प्रेम, साहस और अच्छाई जैसे शाश्वत मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। भारत के बदलते कहानी कहने के दौर में यह तकनीकी पहल सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का एक माध्यम बन रही है।