विश्व की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने वित्तीय मामलों में नया इतिहास रच दिया है। हालिया वैश्विक ब्रांड मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल की कुल व्यावसायिक वैल्यूएशन 20 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गई है। इस मूल्यांकन में फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने बाजी मारते हुए 312 मिलियन डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही आरसीबी आईपीएल के इतिहास में 300 मिलियन डॉलर का मूल्यांकन कांटा पार करने वाली पहली व्यक्तिगत खेल फ्रेंचाइजी बन गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईपीएल की इस अप्रत्याशित वित्तीय वृद्धि का मुख्य कारण डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग अधिकारों से होने वाली भारी कमाई, अंतरराष्ट्रीय प्रायोजकों की रुचि और दुनिया भर में लगातार बढ़ती दर्शकों की संख्या है। आरसीबी के अलावा चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की ब्रांड वैल्यू में भी सालाना 15 से 20 प्रतिशत तक की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मैचों की मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली स्ट्रीमिंग ने विज्ञापनों से मिलने वाले राजस्व को नए स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे फ्रेंचाइजियों की बैलेंस शीट बेहद मजबूत हुई है।
खेल व्यवसाय विश्लेषकों का मानना है कि आईपीएल का यह व्यावसायिक ढांचा वैश्विक स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए एक मिसाल बन चुका है। जिस तरह से अमेरिका में एनएफएल और एनबीए जैसी लीग वित्तीय रूप से मजबूत हैं, उसी राह पर अब आईपीएल तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के अधिकारियों ने कहा कि आगामी सत्रों में नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मीडिया अधिकारों का विस्तार करने और नई ई-स्पोर्ट्स व फैन-एंगेजमेंट पहलों से लीग की वैल्यूएशन में और अधिक बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद है।