कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत: खुदरा महंगाई दर घटकर 3.2 प्रतिशत पर आई, रिजर्व बैंक की नीतियों का दिखा असर

देश के आम नागरिकों के लिए आज राहत भरी खबर सामने आई है। जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर पिछले कई महीनों के सबसे निचले स्तर 3.2 प्रतिशत पर आ गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के कारण यह संभव हो सका है।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत: खुदरा महंगाई दर घटकर 3.2 प्रतिशत पर आई, रिजर्व बैंक की नीतियों का दिखा असर

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा आज जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई 2026 में घटकर 3.2% पर सिमट गई है। जून के महीने में यह दर 3.8 प्रतिशत थी। सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों के दामों में आई गिरावट ने महंगाई को काबू करने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले महीनों में रेपो रेट को स्थिर रखते हुए तरलता को नियंत्रित करने के जो उपाय किए थे, उनका असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नरमी से आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ रहा दबाव काफी हद तक कम होगा।

खाद्य पदार्थों और ऊर्जा क्षेत्र में कीमतों का संतुलन इस बार महंगाई में आई गिरावट का मुख्य कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर का कम होना है। जुलाई महीने में खाद्य महंगाई दर गिरकर 2.9 प्रतिशत रह गई, जो कि पिछले साल इसी अवधि में काफी अधिक थी। टमाटर, प्याज और आलू जैसी जरूरी सब्जियों की कीमतों में सप्लाई चेन बेहतर होने के कारण सुधार आया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के चलते परिवहन और ऊर्जा लागत भी नियंत्रण में रही है। सरकार द्वारा घरेलू बाजार में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए समय पर किए गए प्रशासनिक हस्तक्षेप ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर निवेशकों की नजर खुदरा महंगाई दर के रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे (2 से 6 प्रतिशत) के भीतर और मध्य स्तर के करीब आने के बाद अब उद्योग जगत की निगाहें आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिक गई हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि महंगाई के मोर्चे पर मिली इस राहत के बाद आरबीआई ब्याज दरों में कटौती करने पर विचार कर सकता है, जिससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों को कम EMI का तोहफा मिल सकता है। शेयर बाजार ने भी इस खबर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और सेंसेक्स-निफ्टी में आज शुरुआती कारोबार में अच्छी खासी तेजी देखने को मिली है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज