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बड़ी खोज: छत्तीसगढ़ में सोना खोजने उतरी अनिल अग्रवाल की वेदांता, भारत में पहली बार हो रहा पोर्टेबल रिग का इस्तेमाल

अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाली वेदांता समूह ने छत्तीसगढ़ में सोने की खोज का कार्य शुरू कर दिया है। इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश में पहली बार इस प्रकार के पोर्टेबल ड्रिलिंग रिग का उपयोग किया जा रहा है।

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Ankit Yadav
25 अग 2026, 18:39
बड़ी खोज: छत्तीसगढ़ में सोना खोजने उतरी अनिल अग्रवाल की वेदांता, भारत में पहली बार हो रहा पोर्टेबल रिग का इस्तेमाल
छत्तीसगढ़ के खनिज बहुल क्षेत्रों में खनन और अन्वेषण गतिविधियों को एक नई दिशा देने के लिए वेदांता समूह ने अपनी कमर कस ली है। प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली इस दिग्गज कंपनी ने राज्य के भीतर सोने के विशाल भंडारों का पता लगाने के वास्ते अत्याधुनिक अभियानों का सूत्रपात किया है। इस पूरी प्रक्रिया में नवीन तकनीकी उपकरणों का समावेश किया गया है जिससे भूगर्भीय सर्वेक्षण के काम में अभूतपूर्व तेजी और सटीकता आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

अत्याधुनिक पोर्टेबल रिग तकनीक का पहली बार प्रयोग

वैदांता द्वारा छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे इस खनिज अन्वेषण अभियान की सबसे अनूठी विशेषता इसमें अपनाई जाने वाली पोर्टेबल रिग तकनीक है। भारतीय खनन इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी स्वर्ण खोज परियोजना के लिए इतने आधुनिक और सुगम पोर्टेबल उपकरणों की मदद ली जा रही है। पारंपरिक भारी-भरकम मशीनों के मुकाबले ये पोर्टेबल रिग कम जगह घेरते हैं और दुर्गम पहाड़ी तथा वनों वाले इलाकों में भी आसानी से पहुंचाए जा सकते हैं। इससे पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाए बिना जमीन के भीतर गहराई तक जाकर सटीक नमूने एकत्र करने में भारी मदद मिल रही है।

राज्य में आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यदि यह स्वर्ण खोज अभियान सफल साबित होता है, तो इससे छत्तीसगढ़ की आर्थिकी और देश के संपूर्ण खनन परिदृश्य पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वेदांता की यह पहल न केवल घरेलू स्तर पर बहुमूल्य धातुओं के उत्पादन को बल देगी, बल्कि भविष्य में रोजगार के नए अवसरों के द्वार भी खोल सकती है। राज्य के स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की देखरेख में यह पूरा सर्वेक्षण कार्य बेहद सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर ठोस नतीजे सामने आने की प्रबल संभावना है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस प्रकार की तकनीकों के आने से भारत के खनिज क्षेत्र में विदेशी और निजी निवेश का रुझान तेजी से बढ़ेगा। आने वाले दिनों में वेदांता इस पोर्टेबल रिग तकनीक के जरिए अपने दायरे को और अधिक विस्तृत कर सकती है, जिससे देश के अन्य हिस्सों में भी आधुनिक खनिज अन्वेषण के नए द्वार खुलेंगे। स्थानीय स्तर पर इस खोज को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है और लोगों को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा।
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