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भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए नए निवेश पैकेज की घोषणा

केंद्र सरकार ने देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना का अनावरण किया है।

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Kantap News डेस्क
29 जुल 2026, 16:20
भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए नए निवेश पैकेज की घोषणा

भारत सरकार ने 29 जुलाई 2026 को देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक व्यापक निवेश पैकेज की घोषणा की है। इस नई नीति के तहत, सरकार ने घरेलू और विदेशी कंपनियों के लिए करों में भारी छूट और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, यह योजना न केवल भारत को वैश्विक चिप हब बनाने में मदद करेगी बल्कि आने वाले तीन वर्षों में लाखों रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक ले जाना है।

इस महत्वाकांक्षी योजना का असर सीधे तौर पर गुजरात और कर्नाटक के प्रस्तावित सिलिकॉन वैली हब पर देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल घरेलू स्मार्टफोन निर्माताओं को फायदा होगा, बल्कि ऑटोमोबाइल उद्योग भी अपनी चिप आवश्यकताओं के लिए स्थानीय आपूर्ति पर निर्भर हो सकेगा। सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये के विशेष फंड को मंजूरी दी है, जो सीधे उन कंपनियों को दिया जाएगा जो अत्याधुनिक नैनोमीटर तकनीक के साथ भारत में निर्माण इकाइयां स्थापित करेंगी। टाटा समूह और वेदांता जैसी बड़ी कंपनियों ने पहले ही इस योजना के प्रति अपनी गहरी रुचि व्यक्त की है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि यह कदम वैश्विक भू-राजनीति को देखते हुए बेहद रणनीतिक है। ताइवान और दक्षिण कोरिया पर निर्भरता कम करने के लिए दुनिया भर की टेक कंपनियां अब भारत की ओर देख रही हैं। आने वाले महीनों में हम देखेंगे कि कैसे यह निवेश न केवल तकनीक के क्षेत्र में बल्कि पूरे विनिर्माण क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगा। सरकार का यह प्रयास 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को और अधिक गति प्रदान करेगा, जिससे आने वाले दशक में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की अपनी राह और अधिक सुगम कर सकेगा।

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