दिल्ली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना 'लक्ष्मी योजना' को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग की महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के लागू होने के बाद, पात्रता शर्तों को पूरा करने वाली दिल्ली की प्रत्येक वयस्क महिला के बैंक खाते में सरकार द्वारा हर महीने सीधे 2,500 रुपये की राशि वित्तीय सहायता के रूप में हस्तांतरित (DBT) की जाएगी।
योजना के नियमों के अनुसार, दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाएं जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय तय सीमा से कम है, इस योजना के लिए आवेदन करने की पात्र होंगी। सरकारी कर्मचारियों, आयकर दाताओं और अन्य पेंशन योजनाओं का लाभ ले रही महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार ने पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च करने की घोषणा की है, ताकि महिलाएं बिना किसी बिचौलिए के सीधे अपना पंजीकरण करा सकें।
दिल्ली सरकार के वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि इस योजना से राजधानी की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में खपत को भी बढ़ावा मिलेगा। विपक्षी दलों ने योजना के वित्तीय बजटीय प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। योजना के पंजीकरण का पहला चरण अगले महीने से शुरू होने जा रहा है।