केरल के कोच्चि स्थित प्रसिद्ध कोचिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने अब तक के सबसे शानदार और ऐतिहासिक वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की है। हवाई अड्डा प्रबंधन द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शुद्ध लाभ (net profit) 500 करोड़ रुपये के मील के पत्थर को पार कर गया है, जो इसके स्थापना काल से लेकर अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। कुल परिचालन राजस्व (operating revenue) में दर्ज की गई इस भारी बढ़ोतरी का मुख्य श्रेय अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों श्रेणियों में यात्री यातायात (passenger traffic) में आई अभूतपूर्व उछाल तथा गैर-विमानन राजस्व (non-aeronautical revenue) के नए स्रोतों के सफल विस्तार को जाता है।
दुनिया का पहला पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित हवाई अड्डा होने का गौरव रखने वाले सीआईएएल ने अपनी परिचालन लागत (operating costs) को न्यूनतम रखते हुए व्यावसायिक गतिविधियों से रिकॉर्ड आय अर्जित की है। हवाई अड्डे के विशाल ड्यूटी-फ्री परिसरों, कमर्शियल शॉपिंग एवेन्यू, बिजनेस लाउंज और कार्गो हैंडलिंग टर्मिनलों से होने वाली कमाई में पिछले वर्ष की तुलना में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। हवाई अड्डे के प्रबंध निदेशक ने बोर्ड बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि चालू वित्त वर्ष में कुल यात्री आवाजाही 1.05 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है, जिसमें गल्फ देशों (GCC), यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए शुरू की गई नई सीधी उड़ानों का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
लाभांश घोषणा और भविष्य की विस्तार योजनाएं
अभूतपूर्व मुनाफा दर्ज करने के बाद सीआईएएल के निदेशक मंडल ने राज्य सरकार और अपने निजी शेयरधारकों के लिए अब तक के सबसे बड़े लाभांश (dividend payout) की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि केरल सरकार इस हरित हवाई अड्डे में सबसे बड़ी हिस्सेदार है, जिससे राज्य के खजाने को भी बड़ा राजस्व प्राप्त होगा।
हवाई अड्डा प्राधिकरण ने घोषणा की है कि इस लाभ की राशि का बड़ा हिस्सा हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को और अधिक आधुनिक बनाने में निवेश किया जाएगा। मास्टर प्लान के तहत अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल-3 के विस्तार, एक समर्पित बिजनेस जेट टर्मिनल के निर्माण, रनवे के सुदृढ़ीकरण और अत्याधुनिक एआई-आधारित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, हवाई अड्डा परिसर में सौर ऊर्जा क्षमता को 50 मेगावाट से बढ़ाकर 70 मेगावाट करने की भी योजना है, जिससे यह हवाई अड्डा पूरी तरह से कार्बन-न्यूट्रल और टिकाऊ मॉडल का वैश्विक उदाहरण बना रहे।