नई दिल्ली:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में आयोजित 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026' के दौरान जापानी कारोबारी नेताओं और निवेशकों को संबोधित करते हुए एक बड़ा आश्वासन दिया है।
सम्मेलन और निवेश से जुड़े मुख्य बिंदु
यूपी को दूसरा इंडस्ट्रियल होम बनाने का न्योता:
मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश को अपना 'दूसरा इंडस्ट्रियल होम' (दूसरा औद्योगिक घर) मानकर दीर्घकालिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ें। 3,195 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की ग्राउंड ब्रेकिंग:
इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान, जापान की प्रमुख कंपनियों से जुड़े 3,195 करोड़ रुपये के निवेश प्रोजेक्ट्स की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग संपन्न हुई। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में इन परियोजनाओं से 10,000 से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। 'जापानी सिटी' का प्रस्ताव:
जापानी कंपनियों और उनके सहायक उद्योगों (Ancillary Industries) के लिए ग्रेटर नोएडा के पास यीडा क्षेत्र में 500 एकड़ भूमि पर एक समर्पित 'जापानी सिटी' विकसित करने की योजना पर विशेष जोर दिया गया है। भविष्य के प्रमुख क्षेत्र: इस दौरान सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बौद्ध सर्किट पर्यटन जैसे सेक्टरों में निवेश को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रशासनिक और आधिकारिक दृष्टिकोण
राज्य सरकार का यह कदम भारत और जापान के बीच आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक संबंधों को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में एक अहम रणनीतिक प्रयास है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के इस चार दिवसीय दौरे और उच्चस्तरीय बैठकों के बाद प्रशासनिक स्तर पर निवेशकों को हरसंभव सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए सहूलियतें देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
आगामी आधिकारिक अपडेट्स और बैठकों के बाद इस निवेश साझेदारी से जुड़े और अधिक ठोस परिणाम सामने आने की संभावना है।