सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट
गुरुवार को सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक लुढ़क गया। इस गिरावट के कारण सेंसेक्स 73,709 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 73,343 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 73,005 के स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स भी बाजार में आई इस तबाही से अछूता नहीं रहा। निफ्टी अपने पिछले बंद 22,811 के मुकाबले 22,687 पर खुला और तेजी से गिरकर 22,557 के स्तर पर कारोबार करने लगा। इस भारी बिकवाली के चलते बाजार का माहौल पूरी तरह से नकारात्मक बना हुआ है और निवेशकों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बीएसई लार्जकैप श्रेणी के 30 में से 28 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बाजार की यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव
बाजार में आए इस भूचाल के कारण कई बड़े और दिग्गज शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरते नजर आए। बिकवाली के दबाव में सबसे अधिक प्रभावित होने वाले शेयरों में पावर ग्रिड 2.60 प्रतिशत, बीईएल 2.25 प्रतिशत, मारुति 2 प्रतिशत और टाटा स्टील 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 1.80 प्रतिशत और एशियन पेंट्स के शेयरों में 1.70 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में छाई इस मायूसी के बीच निवेशकों के पोर्टफोलियो पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है। लार्जकैप कंपनियों के अधिकांश शेयरों का लाल निशान में होना बाजार की कमजोरी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। जानकारों का मानना है कि बाजार में इस तरह की गिरावट के दौरान किसी भी निवेश के निर्णय लेने से पहले बाजार विशेषज्ञों की सलाह लेना अनिवार्य है। अस्थिरता के इस दौर में सावधानी बरतना ही निवेशकों के लिए सबसे उचित कदम साबित हो सकता है क्योंकि बाजार में लगातार बिकवाली का सिलसिला बना हुआ है।
वैश्विक बाजार का असर और पिछले दिन की स्थिति
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को आई इस गिरावट के संकेत पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने लगे थे। एशियाई बाजारों में भारी उथल-पुथल मची हुई थी, जिसमें जापान का निक्केई इंडेक्स 1000 अंक, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 600 अंक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3 प्रतिशत तक गिर गया था। इसके अतिरिक्त गिफ्ट निफ्टी में भी 100 अंक से अधिक की कमजोरी देखी गई थी। बुधवार का कारोबारी दिन भी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा था। उस दिन शुरुआत में सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 200 अंक तक उछले थे, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफा वसूली के चलते सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 1400 अंक नीचे गिर गया था। अंत में बुधवार को सेंसेक्स 143 अंक गिरकर 73,709 पर और निफ्टी 77 अंक फिसलकर 22,811 पर बंद हुआ था। विदेशी बाजारों से मिले इन नकारात्मक संकेतों और घरेलू स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है जो निवेशकों की घबराहट को बढ़ा रहा है।