आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास चरम पर दिखा, जिससे सेंसेक्स ने पहली बार 95,000 के जादुई आंकड़े को पार कर लिया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में हुई भारी लिवाली के चलते बाजार में एक नई लहर पैदा हुई है। सुबह के सत्र में उतार-चढ़ाव के बाद, दोपहर तक बाजार में तेजी का रुख स्पष्ट हो गया था, जिससे निफ्टी ने भी अपने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। जानकारों का कहना है कि आगामी तिमाही परिणामों को लेकर निवेशकों की सकारात्मक उम्मीदें इस बढ़त का मुख्य कारण हैं।
बाजार में उछाल के प्रमुख कारक इस तेजी के पीछे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का भारतीय बाजार में निरंतर निवेश बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों में वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की खबरों ने भी बाजार को समर्थन दिया है। इसके अलावा, देश की मजबूत जीडीपी विकास दर ने बड़े वित्तीय संस्थानों को भारत में अपना एक्सपोजर बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है, जो आने वाले हफ्तों में भी तेजी के रुझान को बनाए रख सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी हालांकि बाजार रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन विशेषज्ञों ने खुदरा निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बाजार में अधिक खरीदारी (overbought) की स्थिति को देखते हुए किसी भी प्रकार के तकनीकी सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे लंबी अवधि के पोर्टफोलियो पर ध्यान केंद्रित करें और बाजार में अस्थिरता के दौरान पैनिक सेलिंग से बचें। वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय अनुशासित निवेश ही सबसे अच्छा तरीका है।