कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?      दो सरकारी टीचरों ने RSS मार्च में हिस्सा लिया, दोनों सस्पेंड हो गए | The Lallantop     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

उत्तर प्रदेश में अनाज भूनने वाले कारोबारियों के लिए बोर्ड बनाने का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग ने अनाज भूनने वाले कारोबारियों के लिए अलग बोर्ड गठित करने का प्रस्ताव रखा है।

A
Ankit Yadav
20 अग 2026, 15:45
उत्तर प्रदेश में अनाज भूनने वाले कारोबारियों के लिए बोर्ड बनाने का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश सरकार पारंपरिक रूप से अनाज भूनने और उससे जुड़े कारोबार करने वाले लोगों के लिए एक अलग बोर्ड बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों के हुनर को पहचान देना, उनके कारोबार को व्यवस्थित करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। प्रस्तावित ‘श्री अन्न कला बोर्ड’ के जरिए इस पारंपरिक पेशे से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, बाजार की बेहतर जानकारी और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार इस पारंपरिक कला को केवल स्थानीय रोजगार का माध्यम न मानकर इसे व्यापक स्तर पर विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है।


इस तरह के बोर्ड के गठन से पारंपरिक कारोबारियों को अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने के लिए एक संगठित मंच मिल सकता है। अनाज भूनने का काम लंबे समय से स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों की आजीविका से जुड़ा रहा है, लेकिन बदलते समय में ऐसे व्यवसायों को आधुनिक मशीनों, बेहतर पैकेजिंग, स्वच्छता मानकों और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि प्रस्तावित बोर्ड के माध्यम से प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, तो छोटे कारोबारियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, सरकार की खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी नीतियों के साथ ऐसे छोटे पारंपरिक व्यवसायों को जोड़ने की संभावनाएं भी बन सकती हैं। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही विभिन्न योजनाओं और निवेश प्रस्तावों पर काम चल रहा है।


प्रस्तावित बोर्ड का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य इस पारंपरिक हुनर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी हो सकता है। आधुनिक रोजगार के बढ़ते विकल्पों के कारण कई पारंपरिक व्यवसायों से युवा दूरी बना रहे हैं। ऐसे में यदि सरकार प्रशिक्षण, आसान वित्तीय सहायता, आधुनिक उपकरण और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराती है, तो युवाओं को इस क्षेत्र में नए तरीके से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, पारंपरिक भुने हुए अनाज और उनसे बनने वाले खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग तथा पैकेजिंग करके उन्हें स्थानीय बाजार से बाहर भी पहुंचाया जा सकता है। इससे छोटे कारोबारियों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने में मदद मिल सकती है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज