कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      'मार्को रुबियो को तब तक भारत का दोस्त नहीं माना जाएगा..', एस जयशंकर का एक बयान और गूंजने लगे ठहाके      अमित शाह के ‘चिट्टा रावण’ दहन ने 2016 की यादें की ताजा, जब रवनीत बिट्टू की लीडरशिप में कांग्रेस ने BJP-SAD सरकार के खिलाफ बनाया था माहौल      'जापान के मोगामी युद्धपोत में ब्रह्मोस लगाया तो भारत के पास होगी अजेय ताकत', जापानी रिपोर्ट में दावा, मुश्किल क्यों?      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की फोन पर बात, स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिया विशेष निमंत्रण     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
क्राइम

बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर सरकारी धन हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार

भोजीपुरा पुलिस ने 13 फर्जी आयुष्मान कार्ड समेत सात मोबाइल और छह फर्जी आधार कार्ड किए बरामद, अस्पतालों से मिलीभगत की भी जांच

A
Administrator
20 अग 2026, 23:22
बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर सरकारी धन हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार
Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सरकारी स्वास्थ्य योजना के नाम पर कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भोजीपुरा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज दिलाने का भरोसा देकर उनके जरूरी दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए जाते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आबिद, सलमान, अरमान, अफरोज और देशरत्न के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके की विस्तृत जांच कर रही है।

ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा

एसपी नार्थ मुकेश चंद मिश्रा के मुताबिक, एक मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने पर कथित तौर पर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार करने और सरकारी योजना का लाभ गलत तरीके से लेने का मामला सामने आया।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य जरूरतमंद लोगों को योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने का लालच देते थे। इसके बदले उनसे पैसे लेने के साथ आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज हासिल किए जाते थे। इन दस्तावेजों में कथित तौर पर बदलाव कर फर्जी लाभार्थियों के नाम से आयुष्मान कार्ड तैयार किए जाते थे।

अस्पतालों की भूमिका की भी जांच

पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य कुछ अस्पतालों से कथित मिलीभगत कर फर्जी लाभार्थियों का इलाज दिखाते थे और इसके आधार पर सरकारी योजना से धन हासिल करते थे। अब जांच का दायरा बढ़ाकर यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और सरकारी धन का कितना दुरुपयोग किया गया।

बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद

भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 फर्जी आयुष्मान कार्ड, सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन, छह फर्जी आधार कार्ड, 22 वर्क-कटिंग की छायाप्रति राशन कार्ड और 2,700 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी कार्ड के जरिए कितने लोगों को लाभार्थी दिखाया गया और सरकारी स्वास्थ्य योजना से कितनी धनराशि निकाली गई। जांच पूरी होने के बाद मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज