Lucknow Desk : हमीरपुर सदर बस स्टैंड पर मंगलवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब हमीरपुर डिपो की रोडवेज बस की खिड़की अचानक टूटकर सड़क पर जा गिरी। घटना के समय बस स्टैंड पर लोगों की आवाजाही थी, लेकिन गनीमत रही कि खिड़की जिस जगह गिरी, वहां कोई राहगीर मौजूद नहीं था। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक हमीरपुर डिपो की बस संख्या UP 91 T 4060 बस स्टैंड पर खड़ी थी। इसी दौरान ड्राइवर ने बस की खिड़की खोलने की कोशिश की। खिड़की खोलते ही वह अचानक टूट गई और सड़क पर जा गिरी।
खिड़की के अचानक गिरने से आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे के बाद बस में बैठी सवारियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इसके बाद बस को आगे की यात्रा पर भेजने के बजाय मरम्मत के लिए भेजा गया। समय रहते बस को रोक दिए जाने से किसी यात्री को चोट नहीं आई। इस घटना ने रोडवेज बसों के रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बसों की मरम्मत और रखरखाव के नाम पर लगातार बजट खर्च किया जाता है, लेकिन कई बसों की हालत अब भी खराब बनी हुई है।
ऐसे में बसों की खिड़कियां, दरवाजे, सीट और अन्य जरूरी हिस्सों की नियमित जांच की जरूरत है। यात्रियों का कहना है कि चलती बस में अगर खिड़की टूटकर गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था। खासकर सड़क पर चलते समय बस की खिड़की किसी राहगीर या दूसरे वाहन से टकराती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। रोडवेज बसें रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाती हैं। ऐसे में बसों की फिटनेस और नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है। हमीरपुर में हुई इस घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बसों की तकनीकी जांच और खराब हिस्सों की समय पर मरम्मत की मांग उठ रही है।