टेरर फंडिंग प्रहार: झारखंड में टीपीसी के 12 आरोपियों को पांच से दस साल की सजा
झारखंड में एनआईए की विशेष अदालत ने टीपीसी से जुड़े टेरर फंडिंग और जबरन वसूली के एक बड़े मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए 12 दोषियों को लंबी सजा दी है।
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Kantap News डेस्क
19 अग 2026, 17:57
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा झारखंड में अंजाम तक पहुंचाई गई एक अहम कानूनी कार्रवाई के तहत, तृतीया प्रतापी कमेटी (TPC) से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने इस मामले में संलिप्त पाए गए कुल 12 अभियुक्तों को पांच से लेकर दस साल तक के कारावास की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाए जाने से जुड़ा हुआ था, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की लंबे समय से पैनी नजर थी।
अवैध वसूली और नेटवर्क का खुलासा
जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि ये आरोपी विभिन्न इलाकों में व्यापारियों और अन्य लोगों को डरा-धमकाकर जबरन रंगदारी और लेवी वसूलते थे। इस अवैध तरीके से जुटाई गई भारी-भरकम रकम का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया जाता था। एनआईए ने पुख्ता सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद सुनवाई पूरी हुई।
न्यायपालिका का कड़ा रुख
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से मुआयना करने के बाद इन सभी 12 आरोपियों को दोषी करार दिया। उनकी संलिप्तता की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग धाराओं के तहत पांच से दस साल की कैद की सजा मुकर्रर की गई है। जानकारों का मानना है कि इस सख्त फैसले से क्षेत्र में संगठित अपराध और अवैध धन उगाही के नेटवर्क पर लगाम कसने में काफी मदद मिलेगी।