कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में आई बाढ़ से भारत को क्यों चिंता होनी चाहिए?      CJP Protest LIVE : दिल्ली पुलिस ने मानी कॉकरोचों की मांग, FIR में SC-ST एक्ट जोड़ा; 307 पर क्या बोली      कल का मौसम 5 सितंबर: 12 घंटे के भीतर 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 75 की स्पीड से हवा; IMD का अपडेट      निशांत कुमार को माला पहनाते ही बड़ा कांड! JDU नेता के गले से 7 लाख की चेन ले उड़े चोर      'जरदारी और मुनीर में छिड़ी जंग, पाकिस्‍तान में मार्शल लॉ का खतरा', अल्‍ताफ हुसैन ने दी बड़ी चेतावनी      US ने ईरान में शादी वाले घर पर किया हमला, जेडी वेंस बोले- नागरिकों को निशाना...      नशे में विमान उड़ा रहा था पायलट... फुकेट-दिल्ली Air India विमान हादसे की सामने आई रिपोर्ट      Patna Flood: गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, 1500 परिवार बेघर, सभी 108 सुरक्षा गेट बंद होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश ब्रेकिंग

मौसम अपडेट: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के चलते 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट

देशभर में मानसून का दौर अभी थमा नहीं है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय हो गया है जिसके परिणामस्वरूप देश के लगभग चौदह राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

A
Ankit Yadav
04 सित 2026, 16:03
मौसम अपडेट: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के चलते 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने सितंबर के महीने में मानसून की सक्रियता को लेकर एक नया अपडेट जारी किया है, जिसके तहत कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी केीय क्षेत्र में बन रहे एक नए सिस्टम के प्रभाव से मौसमी हलचल तेज हो गई है। इस मौसमी बदलाव का असर देश के विभिन्न हिस्सों पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है और प्रशासन ने संबंधित इलाकों में एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

मौसम प्रणाली का प्रभाव और संभावित क्षेत्र

देश के अलग-अलग राज्यों में इस नए सिस्टम के कारण भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। कुल चौदह राज्यों को इस बार के अलर्ट के दायरे में रखा गया है, जहां पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था। तटीय इलाकों से लेकर मैदानी भागों तक हवाओं का रुख बदल गया है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की शुरुआत भी हो चुकी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी बारिश कुछ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होने का भी अंदेशा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार इस सक्रिय प्रणाली के कारण समुद्र में भी स्थिति थोड़ी प्रतिकूल रह सकती है, जिसके चलते मछुआरों को आगामी कुछ दिनों तक गहरे पानी में न जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा यातायात सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि लगातार पानी गिरने से सड़क और रेल मार्ग पर दृश्यता कम होने के साथ-साथ फिसलन बढ़ जाती है। आपदा प्रबंधन दलों को भी पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और प्रभावित नागरिकों को आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके। नागरिकों से भी यह अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें और अनावश्यक रूप से यात्रा करने से बचें। खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी हो जाता है। आने वाले दिनों में यह मौसमी तंत्र किस प्रकार आगे बढ़ता है और इसका किन राज्यों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है, इस पर मौसम वैज्ञानिकों की विशेष नजर बनी हुई है ताकि समय रहते सटीक जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज