Karwa Chauth Vrat 2026 : हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत वैवाहिक सुख और पति की लंबी आयु की
कामना से रखा जाता है। इस वर्ष करवा चौथ गुरुवार, 29
अक्टूबर 2026 को
है। कुछ लोगों के मन में सवाल है कि शुक्र अस्त होने पर नवविवाहिताएं पहली बार यह
व्रत रख सकती हैं या नहीं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शुक्र अस्त होने से करवा चौथ का व्रत
रखने में कोई बाधा नहीं आती।
शुक्र अस्त का व्रत पर क्या प्रभाव?
पंडित उपाध्याय बताते हैं कि सूर्य के निकट आने पर शुक्र अस्त होता
है और यह एक सामान्य खगोलीय घटना है। उनके अनुसार, करवा चौथ पर शुक्र की पूजा नहीं की जाती, इसलिए शुक्र अस्त होने का इस व्रत पर
कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं भी इसे रख सकती
हैं।
करवा चौथ में चंद्र दर्शन का महत्व
करवा चौथ पर विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रोदय के
बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा मन और शीतलता का कारक है।
इसलिए इस व्रत में चंद्र दर्शन और अर्घ्य का विशेष महत्व माना जाता है।
चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है
चंद्रमा दिखने का समय स्थान के अनुसार बदलता है। उपलब्ध पंचांग जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली में 29 अक्टूबर को चंद्रोदय लगभग रात 8:17 बजे बताया गया है। अपने शहर का सटीक समय स्थानीय पंचांग से जांचें।