अस्पताल में अंतिम सांस और फिल्मी जगत में शोक
भारतीय फिल्म उद्योग को अपनी दूरदर्शी सोच से समृद्ध करने वाले प्रसिद्ध निर्देशक सिंगीथम श्रीनिवास राव ने 94 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रहा था और वे उम्र से जुड़ी विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे थे। चेन्नई शहर के प्रतिष्ठित कावेरी अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद पूरे देश की फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक छा गया है। कई नामी कलाकारों और फिल्म निर्माताओं ने सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से दिवंगत निर्देशक को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। तेलुगु सिनेमा के लोकप्रिय सुपरस्टार जूनियर एनटीआर ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। जूनियर एनटीआर ने अपने शोक संदेश में कहा कि सिंगीथम श्रीनिवास राव का इस तरह चले जाना बेहद दुखद है और वे एक ऐसे दूरदर्शी थे जो अपने समय से काफी आगे की सोचते थे। उन्होंने ऐसी अनूठी फिल्मों का निर्माण किया था जो आज भी पीढ़ियों बाद देखने पर बिल्कुल नई और ताज़ा महसूस होती हैं। उनके इस प्रकार चले जाने से दक्षिण भारतीय सिनेमा ने एक महान मार्गदर्शक और रत्न खो दिया है, जिसकी भरपाई आने वाले कई वर्षों तक पूरी करना बेहद मुश्किल साबित होगा। उनके परिवार और चाहने वालों के लिए यह एक बहुत बड़ी क्षति है।
शानदार करियर और भाषा की सीमाओं से परे निर्देशन
बहुमुखी प्रतिभा के धनी सिंगीथम श्रीनिवास राव का जन्म 21 सितंबर 1931 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के उदयगिरि में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे और प्रेरणादायक करियर के दौरान हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और अंग्रेजी जैसी विभिन्न भाषाओं में करीब 60 फिल्मों का सफल निर्देशन किया। उन्होंने अपने निर्देशन सफर की शुरुआत वर्ष 1972 में रिलीज हुई तेलुगु भाषा की कॉमेडी फिल्म नीति नियति से की थी। इस फिल्म में उन्होंने केवल निर्देशन की कमान ही नहीं संभाली थी, बल्कि इसकी कहानी भी खुद ही लिखी थी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई मील का पत्थर साबित होने वाली फिल्मों का निर्माण किया। उन्होंने अपने शानदार और बेदाग करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी अपने नाम किए। उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो राष्ट्रीय पुरस्कार पुष्पक विमानम और दिक्कत्रा पार्वती के लिए मिले। इसके अलावा उन्हें मयूरी, वृंदावनम और भैरव द्वीपम जैसी फिल्मों के लिए तीन प्रतिष्ठित नंदी पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। कन्नड़ फिल्म हालू जेनू के लिए उन्हें कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। साल 2011 में फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया। इसके बाद 21वें चेन्नई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान वर्ष 2021 में भी उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से नवाजा गया था।
समय से आगे की फिल्में और बेजोड़ रचनात्मकता
सिंगीथम श्रीनिवास राव की रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का दायरा बेहद व्यापक था और वे हमेशा अपने समय से आगे की तकनीक और विषयों पर काम करते थे। वर्ष 1987 में प्रदर्शित उनकी फिल्म पुष्पक विमाना एक अनोखी डार्क कॉमेडी थी जिसमें जाने-माने अभिनेता कमल हासन मुख्य भूमिका में नजर आए थे। इस मूक फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें संवादों का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया गया था और फिर भी इसने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। इस शानदार फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड समेत कुल 7 प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए थे। इसके बाद वर्ष 1991 में उन्होंने आदित्य 369 का निर्देशन किया जो भारतीय सिनेमा की पहली टाइम ट्रेवल साइंस फिक्शन फिल्मों में गिनी जाती है और आईएमडीबी पर इसकी रेटिंग 8.4 है। इस फिल्म में नंदमुरी बालकृष्ण, मोहिनी और अमरीश पुरी जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई दिए थे। इससे पहले वर्ष 1984 में उन्होंने प्रसिद्ध क्लासिकल नृत्यांगना सुधा चंद्रन के जीवन पर आधारित बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म मयूरी बनाई थी जिसे दर्शकों ने खूब सराहा था। अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव यानी 94 वर्ष की आयु में भी उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा और उनकी आखिरी म्यूजिकल रोमांटिक कॉमेडी फिल्म इसी साल रिलीज हुई। दर्शक इस आखिरी फिल्म को नेटफ्लिक्स पर आसानी से देख सकते हैं जिसमें अहिल्या बमरू, अयान और मणि कृष्ण ने अभिनय किया है।