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इतिहास के पन्नों से किस्सा: भारत की पहली अभिनेत्री कमलाबाई गोखले का अनोखा अभिनय, जिससे एक महिला को हो गया था प्यार
भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर में महिलाओं का अभिनय करना बेहद वर्जित माना जाता था, ऐसे में देश की पहली अभिनेत्री कमलाबाई गोखले ने एक पुरुष का किरदार इतनी बेहतरीन ढंग से निभाया कि एक महिला उनके प्रेम में पड़ गई थी।
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Kantap News डेस्क
16 अग 2026, 19:04
भारतीय फिल्म इतिहास के शुरुआती अध्याय संघर्ष, समर्पण और अद्भूत कलाकारी की अनगिनत कहानियों से भरे पड़े हैं। जब पर्दे पर महिलाओं के अभिनय की कल्पना करना भी समाज के एक बड़े वर्ग के लिए असहज था, तब कुछ असाधारण महिलाओं ने इन रूढ़ियों को तोड़कर सिनेमा जगत में कदम रखा। ऐसी ही महान विभूतियों में कमलाबाई गोखले का नाम सबसे ऊपर आता है, जिन्होंने न केवल अपनी अदम्य जिजीविषा से अभिनय की दुनिया में पहचान बनाई, बल्कि अपने काम से लोगों को हैरान भी कर दिया। उनके द्वारा निभाए गए एक पुरुष किरदार की प्रामाणिकता इतनी जब्बरदस्त थी कि दर्शक पूरी तरह भ्रमित हो गए और एक महिला प्रशंसक तो उनके इस रूप पर अपना दिल हार बैठी थी।
रूढ़ियों को तोड़ने वाली अदाकारा
उस दौर में रंगमंच और सिनेमा दोनों ही जगहों पर पुरुषों द्वारा ही महिला पात्रों को निभाने की परंपरा थी, लेकिन कमलाबाई ने इस धारा के विपरीत जाकर एक नया इतिहास रचा। उनकी कला में इतनी गहराई और विविधता थी कि वे मंच पर किसी भी किरदार को जीवंत करने की अद्भुत क्षमता रखती थीं। जब उन्होंने एक नाटक के दौरान पुरुष की भूमिका को मंच पर उतारा, तो उनकी चाल-ढाल, बोलने का अंदाज और हाव-भाव इतने सटीक थे कि सामने बैठे दर्शक उन्हें पहचान ही नहीं पाए। यह उनकी अभिनय क्षमता का ही कमाल था कि कला के प्रति समर्पित एक महिला उनके उस पुरुष रूप के प्रति आकर्षित हो गई, जो बाद में भारतीय रंगमंच के इतिहास का एक बेहद दिलचस्प और अनूठा किस्सा बन गया।
भारतीय सिनेमा की नींव
कमलाबाई गोखले का यह सफर केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं था, बल्कि यह भारतीय महिलाओं के लिए सिनेमा के क्षेत्र में प्रवेश करने का एक मजबूत मार्ग प्रशस्त करने वाला कदम था। उन्होंने जिस हिम्मत और लगन के साथ उस दौर की सामाजिक पाबंदियों का सामना किया, वह आज की पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। आज जब हम आधुनिक भारतीय सिनेमा को बुलंदियों पर देखते हैं, तो हमें उन शुरुआती नायिकाओं को जरूर याद रखना चाहिए जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपनी कला की अलख जगाई और भारतीय संस्कृति को मनोरंजन के माध्यम से एक नई दिशा प्रदान की।