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कड़वी सच्चाई: किटू गिडवानी ने बॉलीवुड को बताया फर्जी, रॉयल्टी और उम्रदराज महिलाओं के रोल पर उठाए सवाल

वरिष्ठ अभिनेत्री किटू गिडवानी ने हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में बॉलीवुड की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने फिल्म उद्योग को खोखला बताते हुए कलाकारों को मिलने वाली रॉयल्टी और उम्रदराज अभिनेत्रियों की उपेक्षा पर नाराजगी जताई है।

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Kantap News डेस्क
16 अग 2026, 18:29
कड़वी सच्चाई: किटू गिडवानी ने बॉलीवुड को बताया फर्जी, रॉयल्टी और उम्रदराज महिलाओं के रोल पर उठाए सवाल
भारतीय सिनेमा की जानी-मानी और मंझी हुई अभिनेत्री किटू गिडवानी ने हाल ही में बॉलीवुड इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके पर खुलकर अपनी तीखी राय रखी है। अपने एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने फिल्म उद्योग को एक 'फर्जी' और सतही दुनिया करार दिया है, जहां जमीनी हकीकत और कला का सम्मान करने के बजाय केवल दिखावे को प्राथमिकता दी जाती है। किटू गिडवानी ने विशेष रूप से इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि किस तरह वर्षों से काम कर चुके कलाकारों को उनके पुराने कार्यों के लिए उचित रॉयल्टी नहीं मिलती है, जिससे कई बार वरिष्ठ कलाकारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।

उम्रदराज महिलाओं के लिए किरदारों की कमी

इसके साथ ही अभिनेत्री ने इस बात पर भी कड़ा प्रहार किया कि भारतीय फिल्मों में उम्रदराज महिलाओं या परिपक्व अभिनेत्रियों के लिए सार्थक और दमदार भूमिकाओं का भारी अभाव है। उन्होंने कहा कि एक निश्चित उम्र के बाद अभिनेत्रियों को या तो दरकिनार कर दिया जाता है या फिर उन्हें बहुत ही रूढ़िवादी और कमजोर किरदार थमा दिए जाते हैं, जबकि पुरुष कलाकारों को बढ़ती उम्र में भी मुख्य भूमिकाएं मिलती रहती हैं। उनके इन बेबाक बयानों ने एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री में लैंगिक भेदभाव, आयु पक्षपात और कलाकारों के अधिकारों जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।

सिनेमाई सुधार की आवश्यकता

किटू गिडवानी की इन टिप्पणियों पर फिल्म जगत के कई हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग उनकी बातों को सच मान रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने से अब परिपक्व कलाकारों के लिए स्थिति थोड़ी बेहतर हो रही है। बहरहाल, उनकी इस आलोचना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बॉलीवुड अपनी कार्यसंस्कृति में सुधार लाने के लिए तैयार है।
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