कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, शुक्रवार की शाम को 6 बजे आएगा फैसला      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब पर अटैक से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय की दो टूक- तुरंत बंद हों हमले      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      AIIMS से डीम्ड यूनिवर्सिटीज तक... NEET UG काउंसलिंग के बाद क्यों खाली रह गईं MBBS सीटें?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
मनोरंजन

नई नवेली सिनेमा: यामी गौतम की फिल्म का अनोखा अंदाज और रामायण कनेक्शन

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री यामी गौतम की नई फिल्म सिनेमाघरों में आ चुकी है। इस पारिवारिक फैंटेसी फिल्म का निर्देशन और निर्माण आनंद एल राय तथा हिमांशु शर्मा ने किया है। फिल्म की शुरुआत में ही इसे एक काल्पनिक कहानी बताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई है।

A
Ankit Yadav
16 अक्ट 2026, 13:09
नई नवेली सिनेमा: यामी गौतम की फिल्म का अनोखा अंदाज और रामायण कनेक्शन

मेरठ के अवस्थी परिवार और मोहिनी की अजीब दास्तान

सिनेमा प्रेमियों के लिए आज का दिन काफी खास है क्योंकि कई फिल्में एक साथ रिलीज हुई हैं। इसी कड़ी में अभिनेत्री यामी गौतम अपनी नई फिल्म नई नवेली के साथ दर्शकों के सामने आई हैं। फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से शुरू होती है जहां अवस्थी परिवार का बड़ा बेटा राजा अपनी पत्नी मोहिनी के साथ विवाह बंधन में बंधता है। राजा के छोटे भाई बंटू के मन में अपनी नई भाभी को लेकर तरह-तरह के संदेह पैदा होने लगते हैं क्योंकि मोहिनी का आचरण आम इंसानों से बिल्कुल अलग रहता है। वह कभी भी मंदिर जाने के बजाय श्मशान भूमि की तरफ रुख करती है और वहां जाकर अपनी पूजा-पाठ संपन्न करती है। इसके अलावा उसके स्पर्श मात्र से ही अस्वस्थ लोगों की सेहत में तेजी से सुधार होने लगता है। परिवार के सदस्यों को जब इन अजीबोगरीब हरकतों की भनक लगती है तो वे सब मिलकर इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश में लग जाते हैं। शुरुआती दौर में एक सुंदर और सुशील दिखने वाली इस कन्या के बारे में जब सच्चाई सामने आती है तो सभी लोग हैरान रह जाते हैं। असलियत में वह कोई साधारण औरत नहीं बल्कि एक शक्तिशाली देवी है जो इस धरती पर फैली हुई बुराइयों को समाप्त करने के लिए अवतरित हुई है। इस पूरी घटना के केंद्र में त्रेता युग की पौराणिक कथाओं की झलक भी देखने को मिलती है जब भगवान श्री राम और रावण का समय हुआ करता था। फिल्म की पटकथा में रामायण के तमाम संकेतों और रेफ्रेंसेस को इस प्रकार पिरोया गया है कि दर्शकों को इसे दशहरा के पर्व पर रिलीज किए जाने का असली कारण समझ में आ जाता है।

कॉमेडी और सस्पेंस से भरपूर पहला हाफ और कमजोर दूसरा भाग

निर्माताओं के अनुसार यह नई प्रस्तुति एक संपूर्ण फैंटेसी फैमिली एंटरटेनर है जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती है। फिल्म के पहले भाग में हास्य और रहस्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है जो दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखता है। अवस्थी परिवार में जितने भी किरदारों को जगह दी गई है उनमें से हर एक को पर्याप्त स्क्रीन टाइम मिला है ताकि उनके चरित्र को अच्छी तरह समझा जा सके। किरदारों के आपसी संवाद और उनकी कॉमिक टाइमिंग से पर्दे पर हंसी के फव्वारे छूटते हैं और दर्शक आसानी से कहानी से जुड़ाव महसूस करने लगते हैं। मोहिनी के चरित्र के इर्द-गिर्द घूमती हुई पटकथा शुरुआती दौर में दर्शकों को काफी आकर्षित करती है और वे उसके रहस्य को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। हालांकि जैसे ही मध्यांतर का समय नजदीक आता है और मोहिनी की असली पहचान का पर्दाफाश होता है, फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ने लगती है। इसके बाद का दूसरा हाफ दर्शकों को उतना ज्यादा प्रभावित करने में असफल रहता है और कहानी थोड़ी बिखरी हुई सी प्रतीत होने लगती है। दूसरे हिस्से में ध्यान पूरी तरह से पारिवारिक ड्रामे और खलनायक के रुतबे पर केंद्रित हो जाता है, जहां अचानक स्क्रीन पर जॉम्बी की एंट्री भी हो जाती है। कई दृश्यों को देखकर दर्शकों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि पर्दे पर ऐसा सब क्यों दिखाया जा रहा है। रामायण काल के संदर्भों को जोड़ना एक अच्छा विचार था लेकिन उसे बहुत प्रभावी तरीके से पर्दे पर नहीं उतारा जा सका है। फिल्म का क्लाइमैक्स उतना असरदार नहीं बन पाया है और दशहरा के पावन अवसर पर दी जाने वाली सीख भी थोड़ी कमजोर नजर आती है। पटकथा लेखक हिमांशु शर्मा यदि थोड़ा और प्रयास करते तो इस कल्पना को और अधिक बेहतर ढंग से दर्शकों के सामने पेश किया जा सकता था।

कलाकारों का शानदार अभिनय और संगीत पक्ष का हाल

अभिनय के मोर्चे पर मुख्य कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाया है और फिल्म को अपने दम पर संभाले रखा है। यामी गौतम ने पहली बार पर्दे पर एक सुपरवुमन का किरदार निभाया है जो यह साबित करता है कि अब फिल्मों में महिला कलाकार भी मुख्य नायक की भूमिका संभाल सकती हैं। उनके साथ अभिनेता आदिनाथ कोठारे ने राजा के किरदार में बहुत ही बेहतरीन काम किया है, जिन्हें ट्रेलर में काफी छुपाकर रखा गया था। सहायक कलाकारों की फेहरिस्त में सुनीता राजवर, अनुराग ठाकुर, आदित्य कुलश्रेष्ठ, मीता वशिष्ठ, प्रतीक पचोरी, सुष्मिता मुखर्जी, सोनल झा और सुनील सिन्हा जैसे तमाम नाम शामिल हैं। बंटू की भूमिका निभाने वाले अनुराग ठाकुर को विशेष रूप से सराहना मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने हर दृश्य में अपनी जबदस्त कॉमिक टाइमिंग और भावनाओं से सबको प्रभावित किया है। प्रसिद्ध स्टैंडअप कॉमेडियन और लेखक कुल्लू की भूमिका काफी अनोखी है जो दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ उनके प्रति थोड़ा तरस खाने पर भी मजबूर कर देती है। फिल्म में कुल्लू और मीता वशिष्ठ का एंगल इतना अनूठा है जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी और यह दर्शकों के लिए एक बड़ा आश्चर्य साबित होता है। दूसरी तरफ फिल्म के संवाद और गाने कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं और दोबारा सुनने या दोहराने योग्य बिल्कुल भी नहीं हैं। यदि आप दशहरा की छुट्टियों में अपने बच्चों के साथ कुछ हल्का-फुल्का देखना चाहते हैं तो इस फैंटेसी का रुख कर सकते हैं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज