अदालत का नया आदेश और पेशी
स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को शुक्रवार को दोबारा अदालत में पेश होने का आदेश जारी किया है। इन दोनों के अलावा इन्हें जमानत प्रदान करने वाले दोनों जमानतियों को भी शुक्रवार को अदालत के सामने उपस्थित होना होगा। अदालत में इन सभी की उपस्थिति इसलिए अनिवार्य की गई है क्योंकि जमानतियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना अभी बाकी है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत इस सत्यापन के पूरा होने तक इस मामले से जुड़ी कानूनी औपचारिकताएं चलती रहेंगी। अधिकारियों ने इस मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर दी है जिसके तहत यह नया नोटिस थमाया गया है। अदालत के इस ताजा निर्देश से दोनों आरोपियों की मुश्किलें फिर से गहरी हो गई हैं और उन्हें तय समय पर अदालत में मौजूद रहना होगा। इस पूरी प्रक्रिया पर वरिष्ठ अधिकारियों की पैनी नजर बनी हुई है ताकि दस्तावेजों की जांच में किसी भी प्रकार की कोई और कानूनी अड़चन या देरी न हो सके।
जमानत देने वालों की पृष्ठभूमि
सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत की प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा रही है क्योंकि दिल्ली के भीतर कोई भी व्यक्ति उनकी जमानत देने के लिए आगे आने को तैयार नहीं हुआ था। इसके बाद बाहर से आए लोगों ने इनकी जमानत का जिम्मा उठाया। सौरव दास को गाजियाबाद के रहने वाले एक प्रोफेसर ने जमानत दी है जो वहां एक एनजीओ का संचालन करते हैं। वहीं दूसरी तरफ आशुतोष रांका को उनकी अपनी पत्नी ने जमानत प्रदान की है जो मूल रूप से बनारस की रहने वाली हैं और वर्तमान समय में बेंगलुरु में निवास करती हैं। अपने पतियों या संबंधित आरोपियों को जमानत देने के लिए इन सभी को विशेष रूप से दिल्ली आना पड़ा था क्योंकि स्थानीय स्तर पर कोई मददगार नहीं मिल रहा था। गाजियाबाद के प्रोफेसर और बेंगलुरु से आई पत्नी को अब अदालत के समक्ष अपने सभी मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। इसी सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अदालत ने दोनों जमानतियों को शुक्रवार को अदालत में व्यक्तिगत रूप से फिर से पेश होने का सख्त निर्देश दिया है।
क्राइम ब्रांच की ताजा कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका को ये ताजा नोटिस थमाए हैं। जैसे ही इन दोनों को पूर्व में जमानत मिली थी, उसके तुरंत बाद क्राइम ब्रांच की यह नई कार्रवाई सामने आई है जिससे उनकी परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को होने वाली पेशी के दौरान अदालत कक्ष में सभी संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमानत देने वाले लोगों के कागजात पूरी तरह से वैध और पुख्ता हैं। इस पूरी कानूनी कवायद से यह साफ हो गया है कि दोनों आरोपियों और उनके मददगारों को अभी कुछ और दिन कानूनी प्रक्रियाओं के चक्कर काटने पड़ेंगे। अधिकारियों का पूरा ध्यान अब शुक्रवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण पेशी और दस्तावेजों के सत्यापन कार्य को सफलतापूक पूरा कराने पर केंद्रित है।