पूजा के फूलों का नया उपयोग
त्योहारों के मौसम में मंदिरों और घरों में अनुष्ठानों की रौनक काफी बढ़ जाती है। नवरात्रि से लेकर दिवाली तक हर घर में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए ताजे फूल अर्पित किए जाते हैं और उनका शृंगार किया जाता है। इसके अलावा घरों में धूपबत्ती और अगरबत्ती जलाने की परंपरा भी पुरानी है जिसे लोग आमतौर पर बाजार से खरीदकर पूरा करते हैं। लेकिन पूजा समाप्त होने के बाद ये सभी फूल कुछ ही दिनों में सूख जाते हैं और अंततः कचरे के डिब्बे में फेंक दिए जाते हैं। अब इन सूखे फूलों को फेंकने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि इनका सदुपयोग करके घर पर ही सुगंधित धूप तैयार की जा सकती है। इस रचनात्मक तरीके से आपको बाजार से किसी भी महंगी सामग्री को खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रसिद्ध मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने इस पूरी प्रक्रिया को बहुत सरल बना दिया है ताकि कोई भी व्यक्ति त्योहारों के इस पावन अवसर पर बेकार समझे जाने वाले फूलों से अपने पूरे घर को महका सके।
धूप कोन तैयार करने की विधि
घर पर पूजा में चढ़े फूलों की मदद से धूप के कोन बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान और घरेलू है। इसके लिए सबसे पहले पूजा में उपयोग किए गए गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों को अलग करना होता है। इन पंखुड़ियों को नमी मुक्त करना बेहद जरूरी है जिसके लिए इन्हें सीधी धूप में सुखाया जा सकता है। यदि आपके पास समय कम है तो आप किसी कड़ाही या पैन में धीमी आंच पर इन्हें हल्का भूनकर भी सूखा सकते हैं। इस दौरान यह सावधानी बरतनी आवश्यक है कि पंखुड़ियां जल न जाएं। जब पंखुड़ियां पूरी तरह से सूखकर कड़क हो जाएं तो उन्हें मिक्सी के जार में ट्रांसफर करना होगा। इसके पश्चात इस सूखे हुए मिश्रण में थोड़ी मात्रा में हवन सामग्री मिलाई जाती है और दोनों को पीसकर एक बारीक पाउडर तैयार किया जाता है। इस पिसे हुए मिश्रण को एक छन्नी की सहायता से अच्छी तरह छान लेना चाहिए ताकि फूलों का कोई भी मोटा टुकड़ा इसमें शेष न रहे। अंत में इस छने हुए पाउडर में थोड़ा सा कपूर और शुद्ध देसी घी मिलाया जाता है। इन सभी घटकों को आपस में अच्छी तरह गूंथकर एक ऐसा मिश्रण बनाया जाता है जो आटे की भांति एक जगह इकट्ठा हो जाए और जिसे हाथों से आसानी से कोई भी आकार दिया जा सके।
दिवाली पर उपयोग और सावधानियां
हाथों की सहायता से तैयार किए गए इस मिश्रण को कोन का आकार देकर आसानी से धूप के रूप में ढाला जा सकता है। इस प्रकार घर पर ही फूलों से बने हुए सुगंधित धूप कोन पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। इन कोनों को जलाने से पहले कुछ समय के लिए अच्छी तरह सूखने देना आवश्यक है ताकि वे बिना किसी बाधा के ठीक प्रकार से जल सकें। दीपावली के पावन पर्व पर जब पूरा घर दीपों और विभिन्न प्रकार की सुगंधों से महकता है तब यह घर पर निर्मित धूप का कोन विशेष रूप से उपयोगी साबित होता है। इस विधि को अपनाने से एक तरफ जहां पूजा में चढ़ाए जाने वाले फूलों की बर्बादी पर रोक लगती है वहीं दूसरी तरफ घर पर ही प्राकृतिक और खुशबूदार धूप बनाने का एक नायाब तरीका भी मिल जाता है। हालांकि जब भी आप इस धूप को घर में जलाएं तो कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन या हवा के आने-जाने की व्यवस्था अवश्य रखें। इसके साथ ही जलती हुई धूप को हमेशा पर्दों, कागज तथा अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से सुरक्षित दूरी पर रखें और कभी भी इसे जलता हुआ अकेला न छोड़ें।