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राजनीति

रक्षा बंधन का पावन पर्व: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

रक्षा बंधन के पावन अवसर पर राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं और भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते के महत्व को रेखांकित किया है।

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Ankit Yadav
28 अग 2026, 17:12
रक्षा बंधन का पावन पर्व: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
रक्षा बंधन का यह पावन पर्व देश भर में अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य के महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समस्त नागरिकों को अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भाई और बहन के बीच अटूट स्नेह, विश्वास और आदर का यह उत्सव हमारे सामाजिक ताने-बाने को और अधिक मजबूत करने का काम करता है। इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, स्वास्थ्य तथा उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं, जिसके बदले में भाई उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।

सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

भाई-बहन के प्रेम के इस पारंपरिक त्योहार का भारतीय संस्कृति में अत्यधिक महत्व रहा है। आधुनिक समय में भी इसकी प्रासंगिकता उतनी ही बनी हुई है जितनी प्राचीन काल में थी। यह उत्सव न केवल पारिवारिक बंधनों को प्रगाढ़ करता है, बल्कि समाज में भाईचारे, सौहार्द और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को भी बढ़ावा देता है। शासन के प्रमुख पदों पर बैठे लोगों द्वारा इस तरह की शुभकामनाएं प्रेषित करने से आम जनता में भी त्योहार का उत्साह दोगुना हो जाता है और लोग पूरे परिवार के साथ इस पर्व को मनाते हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में इस पर्व को लेकर बाजारों में खासी रौनक देखने को मिली है। राखियों की दुकानों पर सुबह से ही भारी भीड़ नजर आई जहां महिलाओं और युवतियों ने अपनी पसंद की राखियां खरीदीं। इसके साथ ही मिठाई की दुकानों पर भी पारंपरिक मिठाइयों की जबरदस्त मांग रही। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर मुंह मीठा कराया और इस खास दिन की बधाइयां दीं। परिवहन व्यवस्थाओं में भी भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए ताकि लोग अपने भाई-बहनों तक समय पर पहुंच सकें। सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी इस बात के प्रयास किए गए कि त्योहारी सीजन में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में शांति व्यवस्था बनी रहे। अंत में, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के माध्यम से सभी से अपील की कि वे इस पर्व को आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ मनाएं और समाज में सकारात्मकता का संदेश फैलाएं।
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