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अद्भुत सफलता: सरकारी स्कूल के खिलाड़ियों ने कीचड़ भरे मैदान में नंगे पांव अभ्यास कर जीते 16 मेडल

साधनों के अभाव और तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकारी विद्यालय के होनहार खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत और पक्के इरादे के दम पर खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक अपने नाम किए हैं।

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Ankit Yadav
16 सित 2026, 14:48
अद्भुत सफलता: सरकारी स्कूल के खिलाड़ियों ने कीचड़ भरे मैदान में नंगे पांव अभ्यास कर जीते 16 मेडल
खेल की दुनिया में अक्सर संसाधनों की कमी को सफलता की राह का सबसे बड़ा रोड़ा माना जाता है, लेकिन कुछ ऐसी प्रतिभाएं सामने आती हैं जो सभी बाधाओं को दरकिनार करते हुए अपनी सफलता का एक नया इतिहास लिख देती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है एक सरकारी विद्यालय के उन नन्हे और जुनूनी खिलाड़ियों ने, जिन्होंने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच अपनी खेल कला का लोहा मनवाया है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों की तरह ही ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में अक्सर खेलकूद के लिए आधुनिक और बेहतर बुनियादी ढांचे का भारी अभाव देखने को मिलता है। इस विद्यालय के बच्चों के पास न तो पेशेवर खेल जूते थे और न ही कोई उच्च स्तरीय खेल मैदान। इसके बावजूद इन बच्चों ने कभी भी अपनी इन कमियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।

अभावों के बीच पक्का इरादा

बच्चों के पास जब अभ्यास के लिए कोई समतल और सुसज्जित खेल परिसर नहीं था, तब उन्होंने बारिश और नमी से पूरी तरह से सराबोर तथा कीचड़ से अटे पड़े मैदान को ही अपनी ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र बना लिया। रोजाना इस कठिन और दलदली जमीन पर बिना जूतों के पसीना बहाना अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती थी, क्योंकि पैरों में चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता था। परंतु इन होनहार छात्र-छात्राओं के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने मौसम की मार और सुविधाओं की कमी को अपनी प्रगति के आड़े नहीं आने दिया। उनके इस समर्पण ने यह साबित कर दिया कि यदि दिल में कुछ कर दिखाने का जज्बा हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद निकल आते हैं। स्कूल के शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और मार्गदर्शकों ने भी इन बच्चों का हर कदम पर साथ दिया और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपना आत्मविश्वास न खोएं।

शानदार प्रदर्शन और पदकों की बारिश

इन तमाम कठिन अभ्यासों और संघर्षों का परिणाम आखिरकार बेहद सुखद रहा और जब विभिन्न खेल स्पर्धाओं के नतीजे सामने आए, तो हर कोई अचंभित रह गया। इन छात्र-खिलाड़ियों ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदकों पर कब्जा जमाया। इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल उनके अपने विद्यालय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है, बल्कि पूरे इलाके और खेल प्रेमियों के बीच भी खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय स्तर पर इन बच्चों की उपलब्धि की चर्चा हर तरफ हो रही है और लोग इनके संघर्ष तथा लगन की मिसाल दे रहे हैं। शिक्षा और खेल जगत से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि ऐसे प्रतिभावान और मेहनती बच्चों को थोड़ा सा और सहयोग तथा आधुनिक सुविधाएं मुहैया करा दी जाएं, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम और अधिक रोशन कर सकते हैं। अब इस शानदार कामयाबी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारी और खेल विभाग इन बच्चों की सुध लेंगे। उनके विद्यालय में खेल सुविधाओं के विकास के लिए विशेष बजट आवंटित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है, ताकि आने वाले समय में अन्य बच्चों को इस तरह के कठिन संघर्षों का सामना न करना पड़े।
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