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खेल

ऐतिहासिक उपलब्धि: चौमूं के अमर सिंह देवंदा ने स्पेन में 100 किमी वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6:49:17 का समय दर्ज किया

राजस्थान के चौमूं क्षेत्र के धावक अमर सिंह देवंदा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करते हुए स्पेन में आयोजित 100 किलोमीटर वर्ल्ड चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस अत्यंत कठिन और लंबी दूरी की प्रतियोगिता को छह घंटे, उनचास मिनट और सत्रह सेकंड में पूरा कर एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

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Ankit Yadav
24 सित 2026, 13:16
ऐतिहासिक उपलब्धि: चौमूं के अमर सिंह देवंदा ने स्पेन में 100 किमी वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6:49:17 का समय दर्ज किया

स्पेन में अमर सिंह देवंदा का शानदार प्रदर्शन राजस्थान के चौमूं से ताल्लुक रखने वाले प्रतिभावान एथलीट अमर सिंह देवंदा ने हाल ही में स्पेन की धरती पर आयोजित हुई प्रतिष्ठित 100 किलोमीटर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेते हुए अपने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया है। इस अत्यंत कठिन और शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण वैश्विक प्रतियोगिता में उन्होंने निर्धारित सौ किलोमीटर की दूरी को छह घंटे, उनचास मिनट और सत्रह सेकंड यानी 6:49:17 के समय में सफलताપૂર્વक पूरा करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। इस चैंपियनशिप के दौरान दुनिया भर के कई दिग्गज और नामी धावक हिस्सा ले रहे थे, जिनके बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अमर सिंह ने अपनी जबरदस्त सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और निरंतर अभ्यास का परिचय देते हुए इस प्रतियोगिता के कठिन चरणों को पार किया और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी दौड़ पूरी की। उनके इस शानदार प्रदर्शन और उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके गृह क्षेत्र चौमूं और राजस्थान पहुँची, वहाँ खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस प्रतियोगिता में उनके द्वारा बनाया गया यह समय भविष्य के कई युवा एथलीटों के लिए एक बड़ा मानक और प्रेरणा स्रोत बन गया है, जो यह दर्शाता है कि दृढ संकल्प के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।

अल्ट्रा मैराथन और लंबी दूरी के खेलों की पृष्ठभूमि सौ किलोमीटर जैसी लंबी दूरी की दौड़ या अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिताएं किसी भी एथलीट के शारीरिक और मानसिक सामर्थ्य की सबसे कड़ी परीक्षाओं में गिनी जाती हैं। ऐसे आयोजनों में सफलता पाने के लिए केवल तेज गति ही नहीं, बल्कि शरीर की ऊर्जा का प्रबंधन, सही पोषण योजना और अत्यधिक मानसिक एकाग्रता की आवश्यकता होती है। भारत जैसे देशों में जहाँ पारंपरिक रूप से ट्रैक और फील्ड या कम दूरी की दौड़ पर अधिक ध्यान दिया जाता रहा है, वहाँ इस तरह की विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना और उत्कृष्ट समय निकालना अपने आप में एक बड़ा संघर्ष माना जाता है। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए धावकों को कई महीनों तक अत्यधिक कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है, जिसमें मौसम के अनुकूल ढलना और लंबी दूरी के अभ्यास सत्र शामिल होते हैं। राजस्थान के ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों से निकलकर इस स्तर की वैश्विक स्पर्धा में अपनी पहचान बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए अत्यधिक संघर्ष और समर्पण की मांग करता है। स्थानीय खेल अकादमियों की सीमित सुविधाओं और संसाधनों के बावजूद जब कोई एथलीट इस प्रकार के बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करता है, तो वह पूरे खेल समुदाय के लिए गर्व का विषय बन जाता है। इस तरह की सफलताएं देश में लंबी दूरी की दौड़ के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और खेल संस्कृति को मजबूत करती हैं।

भविष्य की संभावनाएं और खेल जगत की प्रतिक्रिया अमर सिंह देवंदा द्वारा स्पेन की इस प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में हासिल की गई इस ऐतिहासिक सफलता के बाद खेल जगत में उनकी जमकर सराहना हो रही है। इस प्रकार के उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के खेल प्रेमियों का मनोबल बढ़ा है और यह उम्मीद की जा रही है कि इससे देश में मैराथन तथा अल्ट्रा रनिंग जैसे खेलों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। खेल विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर का प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को यदि आगे भी उचित सहयोग, प्रायोजन और उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं मिलती रहें, तो वे भविष्य की अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं। आने वाले समय में इस प्रकार की उपलब्धियां युवा पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित करने के साथ-साथ देश में खेल बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में भी सकारात्मक दबाव बनाती हैं। स्थानीय स्तर पर अमर सिंह के लौटने पर उनके भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं और युवा खिलाड़ियों द्वारा उन्हें एक आदर्श के रूप में देखा जा रहा है। यह परिणाम इस बात का भी प्रमाण है कि भारतीय एथलीट अब वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वे दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने का माद्दा रखते हैं।

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