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अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ: हिमाचल प्रदेश की वादियां करेंगी पहले एशियाई विंटर यूथ गेम्स 2026 की मेजबानी
भारतीय खेल जगत के लिए एक गौरवशाली क्षण में, हिमाचल प्रदेश के मनाली और सोलंग घाटी को पहले आधिकारिक एशियाई विंटर यूथ गेम्स 2026 के आधिकारिक मेजबान के रूप में चुन लिया गया है।
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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 13:59
एशियाई ओलंपिक परिषद ने आज आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि इस वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले पहले एशियाई विंटर यूथ गेम्स की मेजबानी भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य को सौंपी गई है। इस बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ में पूरे एशिया महाद्वीप से लगभग पैंतालीस देशों के एक हजार से अधिक युवा एथलीट स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, आइस हॉकी और फिगर स्केटिंग जैसी रोमांचक प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। राज्य सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ ने इस मेगा इवेंट की तैयारियां अभी से युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं, जिसके तहत मनाली और सोलंग घाटी के खेल परिसरों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक विशेष प्रेस वार्ता में बताया कि यह आयोजन न केवल देश में विंटर स्पोर्ट्स संस्कृति को बढ़ावा देगा बल्कि हिमाचल प्रदेश को शीतकालीन पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा। इस आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बर्फ निर्माण संयंत्रों और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को स्थापित करने का कार्य अगले महीने से शुरू हो जाएगा।
बुनियादी ढांचे का विकास और अंतरराष्ट्रीय मानक
इस भव्य खेल आयोजन को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर लगभग तीन सौ करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं, जिससे विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सके। सोलंग घाटी में अत्याधुनिक एथलीट विलेज, अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्नो-पार्क और आपातकालीन चिकित्सा इकाइयों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में इन सभी स्थलों का दौरा कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया तथा अपनी संतुष्टि व्यक्त की। इसके अलावा, पर्यावरण सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए सभी निर्माण कार्यों में हरित ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का ही उपयोग किया जा रहा है ताकि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुँचे।
युवा एथलीटों के लिए सुनहरा अवसर और आर्थिक लाभ
भारतीय शीतकालीन खेल महासंघ ने कहा है कि इस घरेलू मैदान पर होने वाले आयोजन से भारतीय युवा एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अभूतपूर्व अवसर मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों से हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय शिविरों में कठिन परिश्रम किया है, और हमें पूरी उम्मीद है कि वे इस प्रतियोगिता में कई पदक अपने नाम करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान होटल व्यवसाय, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योगों को भी जबरदस्त आर्थिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।