कंटाप
NEWS
शनिवार, 24 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
PHOTOS: स्कॉर्पियो से कैदी वाहन और महंगे होटलों से जेल के खाने तक... मॉडल श्रद्धा दुबे का डाउनफॉल!      बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बिल्डिंग के बाहर शव बिखरे; घनी आबादी क...      एमएलसी चुनाव 2026: 'लखनऊ जाकर कर लूंगा इस्लाम कबूल', आगरा में फूट-फूटकर रोए सपा के आकाश अग्रवाल      सऊदी में पैंगबर के अपमान के दोषी हिंदू युवक को फांसी से बचा ले गया श्रीलंका, बांग्‍लादेश से कहां हुई चूक, जानें      फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम... जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर किसने लिखा, 'नो स्पेस फॉर संघी'      बिहार MLC चुनाव में दिखा नीतीश कुमार की 'चाणक्य नीति' का जलवा! वोटिंग के दिन अनुमान लगाते रहे सियासी पंडित      'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
खेल ब्रेकिंग

बड़ा फैसला: एशियन गेम्स में बीसीसीआई को नहीं मिलेगी कोई विशेष छूट

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की भागीदारी को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट फैसला सुनाया है, जिसके तहत क्रिकेट के लिए किसी भी तरह की विशेष रियायत देने से साफ इनकार कर दिया गया है।

A
Ankit Yadav
06 सित 2026, 15:42
बड़ा फैसला: एशियन गेम्स में बीसीसीआई को नहीं मिलेगी कोई विशेष छूट
भारतीय खेल जगत में इन दिनों एशियन गेम्स और विभिन्न महासंघों की तैयारियों को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इसी कड़ी में भारतीय ओलंपिक संघ यानी IOA ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण रुख अपनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के सबसे अमीर और प्रभावशाली खेल बोर्ड यानी बीसीसीआई को महाद्वीपीय खेलों में भाग लेने के लिए नियमों में कोई विशेष छूट नहीं दी जाएगी। इस घोषणा के बाद खेल गलियारों में विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, क्योंकि आमतौर पर क्रिकेट को अन्य खेलों की तुलना में विशेष प्राथमिकता मिलने की चर्चाएं आम रहती हैं।

नियमों की एकरूपता पर जोर

ओलंपिक संघ का यह निर्णय इस बात का परिचायक है कि सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों को एक समान नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा, चाहे उनकी लोकप्रियता और वित्तीय स्थिति कैसी भी क्यों न हो। खेल प्रशासन से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस कदम से अन्य ओलंपिक खेलों को भी समान मंच और सम्मान मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। हाल के वर्षों में क्रिकेट ने ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसे बहु-खेल आयोजनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना शुरू किया है, जिसके कारण खेल प्रेमियों में खासा उत्साह भी देखा गया है। हालांकि, दूसरी ओर खेल प्रशासनिक हलकों में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या इस तरह के कड़े रुख से क्रिकेट बोर्ड की आगामी प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर पड़ सकता है। बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल और कार्यभार प्रबंधन को लेकर हमेशा से सतर्क रहता है, ऐसे में बिना किसी विशेष रियायत के अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम भेजना प्रबंधन के लिए एक चुनौती साबित हो सकता है। इसके बावजूद, ओलंपिक संघ के रुख से यह साफ जाहिर होता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल नीतियों के तहत अनुशासन सर्वोपरि है। आने वाले दिनों में इस फैसले के दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि अन्य खेलों के संघ भी इस बात की मांग कर रहे थे कि सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। खेल प्रेमियों और विश्लेषकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि बीसीसीआई इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है और क्या वे बिना किसी रियायत के अपनी पूरी प्रतिबद्धता के साथ एशियन गेम्स में उतरने की अपनी योजना को आगे बढ़ाते हैं। इस स्थिति से यह भी स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में खेल निकायों के बीच आपसी समन्वय और प्रशासनिक पारदर्शिता पर और अधिक जोर दिया जाएगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज