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बर्बाद हो रहे फंड: 1.70 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी 8 महीने से खेल परिसर बंद, जाली फांदकर अंदर जा रहे बच्चे

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए खेल परिसर के लंबे समय से बंद रहने के कारण स्थानीय युवाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरन अपनी प्रैक्टिस के लिए दीवारों की जाली फांदकर अंदर प्रवेश करना पड़ रहा है।

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Kantap News डेस्क
14 अग 2026, 11:37
बर्बाद हो रहे फंड: 1.70 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी 8 महीने से खेल परिसर बंद, जाली फांदकर अंदर जा रहे बच्चे
देश में खेल बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और उभरती प्रतिभाओं को मंच देने के लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया जाता है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई बार यह प्रयास धरे के धरे रह जाते हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है जहां लगभग एक करोड़ सत्तर लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद एक आधुनिक खेल परिसर पिछले आठ महीनों से पूरी तरह से बंद पड़ा है। देखरेख के अभाव और ताले लटके होने के कारण इस बहुमूल्य सुविधा का लाभ स्थानीय निवासियों को नहीं मिल पा रहा है।

परिसर बंद होने से बच्चों की खेल गतिविधियां प्रभावित

खेल मैदान पर ताला जड़े होने के बावजूद वहां के प्रति बच्चों और युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। व्यवस्था की इस पोल को उजागर करते हुए तमाम तस्वीरें और जानकारियां सामने आई हैं, जिनमें बच्चे अपनी खेल प्रैक्टिस को जारी रखने के लिए जान जोखिम में डालकर परिसर की ऊंची जालियां फांदकर अंदर जाते हुए देखे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि लाखों-करोड़ों के सार्वजनिक धन से बनी सुविधा अगर ताले में बंद रहेगी, तो आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ी कैसे अपनी प्रतिभा को निखार पाएंगे। संबंधित अधिकारियों और प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे जनता में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। खेल प्रेमियों ने मांग की है कि इस परिसर के दरवाजों को जल्द से जल्द खिलाड़ियों के लिए खोला जाए ताकि बच्चों को इस तरह खतरनाक तरीके से अंदर न जाना पड़े और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
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