अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने पर नए आवेदन
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के रूप में कार्य कर रहे अजीत अगरकर का कार्यकाल बीते 4 अक्टूबर को सफलतापूर्व पूरा हो गया था। उनके मुख्य चयनकर्ता के पद पर लगभग तीन साल का लंबा सफर समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने औपचारिक रूप से एक विज्ञापन जारी किया है। इस विज्ञापन के माध्यम से देश भर से रिक्त पद के लिए नए उम्मीदवारों से आवेदन मंगाए गए हैं ताकि जल्द ही इस अहम जिम्मेदारी को किसी नए व्यक्ति को सौंपा जा सके। बोर्ड के मौजूदा नियमों और संविधान के मुताबिक चयन समिति में शामिल होने वाले सभी पांचों चयनकर्ता देश के अलग-अलग जोन से आने चाहिए। अजीत अगरकर इससे पहले वेस्ट जोन का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और बोर्ड के क्षेत्रीय नियमों के अनुसार ही उन्होंने इस जोन की कमान संभाली थी। यही कारण है कि अब अजीत अगरकर की जगह लेने वाला नया चयनकर्ता भी अनिवार्य रूप से वेस्ट जोन से ही ताल्लुक रखेगा।
सोशल मीडिया पर बयान से शुरू हुई समीर दिघे की चर्चा
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा नए आवेदन मांगने के बाद से ही क्रिकेट गलियारों में उत्तराधिकारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। इसी सिलसिले में पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट के सामने आते ही पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज समीर दिघे के नाम पर जोरदार चर्चाएं शुरू हो गईं। पूर्व स्पिनर ने अपने संदेश में दावा किया कि उन्हें इस बात का ठीक-ठाक अंदाजा है कि अजीत अगरकर का स्थान कौन लेगा और वह मुंबई से ताल्लुक रखता है। उन्होंने यह भी लिखा कि उस खिलाड़ी ने केवल छह ही टेस्ट मैच खेले हैं लेकिन वह एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट के रिकॉर्ड के दम पर इस पद के लिए पूरी तरह से योग्य बनता है। इस सोशल मीडिया पोस्ट के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद ही क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों के बीच समीर दिघे का नाम सबसे आगे आने लगा क्योंकि उनके आंकड़े इस विवरण से मेल खाते हैं।
समीर दिघे का पुराना करियर और चयन प्रक्रिया का भविष्य
मुंबई के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज समीर दिघे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान केवल छह टेस्ट मैच ही खेले थे और इसके अलावा उन्होंने तेईस वनडे मुकाबलों में भी शिरकत की थी। उन्होंने वर्ष 2000 में अपना पहला एक दिवसीय मैच खेला और 2001 में टेस्ट पदार्पण किया था तथा उसी वर्ष वह आखिरी बार भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरे थे। इन चौबीस अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके बल्ले से बमुश्किल चार सौ रन ही निकल पाए थे जो कि उनके करियर का एक साधारण पहलू रहा है। हालांकि, अठावन वर्षीय दिघे ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग चार हजार रन बनाए हैं। खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन में चयनकर्ता की भूमिका भी निभाई थी और साल 2017 में मुंबई टीम के कोच की जिम्मेदारी भी संभाली थी। यदि पूर्व स्पिनर का यह दावा आने वाले दिनों में सच साबित होता है तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी क्योंकि प्रशासनिक अनुभव उनके पास पहले से ही मौजूद है।