एशियन गेम्स के लिए बिहार के ग्यारह खिलाड़ियों का चयन आगामी एशियन गेम्स 2026 के महामुकाबले में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बिहार राज्य से कुल 11 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इन सभी खिलाड़ियों ने अपने खेल करियर की शुरुआत में बेहद कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना किया है। इनमें से कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने समाज के ताने सुने, बिना जूतों या उपकरणों के नंगे पांव अभ्यास किया और कई बार बम धमाकों जैसी डरावनी घटनाओं के बीच भी अपने खेल के प्रति समर्पण को कम नहीं होने दिया। इन तमाम बाधाओं को पार करते हुए इन खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है और अब वे महाद्वीप के सबसे बड़े खेल आयोजन में अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कठिन परिस्थितियों और सामाजिक बाधाओं को मात देने की दास्तान खेल के मैदान तक का यह सफर इन खिलाड़ियों के लिए किसी कांटे भरे रास्ते से कम नहीं था। देश के कई हिस्सों में आज भी लड़कियों के खेलकूद में हिस्सा लेने को लेकर सामाजिक स्तर पर तमाम तरह की बंदिशें और ताने सुनने को मिलते हैं, जिससे इन युवा खिलाड़ियों को भी दो-चार होना पड़ा। इसके अलावा, बुनियादी खेल सुविधाओं की भारी कमी के कारण उन्हें नंगे पांव ही मैदान पर दौड़ना पड़ा, जिससे उनके पैरों में छाले पड़े लेकिन हौसला कभी नहीं डगमगाया। कई क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की विकट स्थितियां, जिनमें बम धमाकों की गूंज और अशांति का माहौल शामिल है, ने उनके अभ्यास को लगातार प्रभावित किया। इसके बावजूद खेल के प्रति उनका जुनून इतना प्रबल था कि उन्होंने हर एक कठिनाई को अपनी सफलता की सीढ़ी बनाया और अपने परिवार तथा पूरे राज्य का नाम रोशन करने का संकल्प लिया।
राज्य में खेल संस्कृति का प्रसार और भविष्य की उम्मीदें बिहार के इन 11 खिलाड़ियों का एशियन गेम्स 2026 के लिए चुना जाना राज्य के खेल जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस सफलता से राज्य के उन तमाम युवाओं को एक मजबूत प्रेरणा मिलेगी जो संसाधनों की कमी और सामाजिक दबाव के कारण अपने सपनों को पूरा करने से पीछे हट जाते हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों की यह असाधारण सफलता आने वाले समय में सरकार और खेल संघों का ध्यान जमीनी स्तर पर खेल बुनियादी ढांचे को सुधारने की ओर आकर्षित करेगी। जब ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक के लिए उतरेंगे, तो पूरा बिहार राज्य उनके साथ खड़ा होगा। इस आयोजन के बाद राज्य में खेल संस्कृति को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है और अधिक संख्या में युवा खेल को अपने करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित होंगे।