प्रतियोगिता के लिए रवाना हुई टीम
राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की पूरी टीम झांसी के लिए रवाना हो गई है। यह महत्वपूर्ण खेल आयोजन 10 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलना तय किया गया है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से चुने गए बेहतरीन खिलाड़ी अपना कौशल दिखाने के लिए मैदान पर उतरेंगे। उत्तर प्रदेश की इस चुनिंदा टीम में लखनऊ शहर से ताल्लुक रखने वाले कुल छह खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है। इन सभी छह खिलाड़ियों के टीम में शामिल होने से पूरे दल को अनुभव और युवा ऊर्जा का अनूठा लाभ प्राप्त होगा। पिछले संस्करण के मुकाबले इस बार राज्य के खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन करने का भारी दबाव रहेगा। पिछले साल इसी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस बार खिलाड़ियों और कोचों का पूरा ध्यान केवल और केवल पहले स्थान पर कब्जा जमाने और स्वर्ण पदक जीतने पर केंद्रित है। सभी खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतरने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।
प्रशिक्षण और लखनऊ के खिलाड़ियों की भूमिका
राष्ट्रीय स्तर की इस कड़ी प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश के सभी खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया है। खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गोमतीनगर के विजयंत खंड परिसर में स्थित मोहम्मद शाहिद हॉकी स्टेडियम में किया गया था। इस अभ्यास शिविर के दौरान सभी खिलाड़ियों ने अपनी खेल रणनीतियों को परखा और कमियों को दूर किया। लखनऊ से चुने गए छह खिलाड़ियों के कंधों पर व्यक्तिगत रूप से शानदार खेल दिखाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इन स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी उत्कृष्ट खेल शैली से राज्य की टीम को निर्णायक बढ़त दिलाने का जिम्मा सौंपा गया है। लखनऊ हॉस्टल के कोच रजनीश मिश्रा ने इस संबंध में अपनी पूरी बात स्पष्ट की है। कोच रजनीश मिश्रा का कहना है कि इस बार उनकी टीम का एकमात्र और मुख्य लक्ष्य स्वर्ण पदक हासिल करना ही है। टीम के भीतर कई ऐसे खिलाड़ी भी शामिल हैं जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना जलवा बिखेर चुके हैं। इन अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से टीम प्रबंधन और खेल प्रेमियों को बहुत बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
चुनौतियां और आगामी मुकाबलों की रूपरेखा
उत्तर प्रदेश की इस प्रतिभाशाली टीम के सामने इस बार मुकाबलों के दौरान निरंतरता बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। टीम में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित भारतीय टीम के विशेष शिविरों में सक्रिय हिस्सा ले चुके हैं। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का मनोबल तो ऊंचा है ही साथ ही विरोधी टीमों के लिए भी मुकाबला करना कठिन होगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान पर तालमेल बनाए रखना और शुरुआती बढ़त को अंत तक कायम रखना सबसे अहम साबित होगा। टूर्नामेंट के ये मुकाबले झांसी में खेले जा रहे हैं जहां देश भर की मजबूत टीमें हिस्सा ले रही हैं। पिछले साल कांस्य पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की टीम इस बार अपनी पिछली उपलब्धियों को पीछे छोड़ना चाहती है। खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और अनुशासन पर कोच रजनीश मिश्रा और अन्य सहयोगी स्टाफ ने विशेष रूप से जोर दिया है। अब यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि मैदान पर खिलाड़ी अपनी तैयारियों को किस प्रकार परिणामों में बदलते हैं।