जीत रावल का क्रिकेट करियर से संन्यास
अहमदाबाद में जन्मे 38 वर्षीय सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने अपने पेशेवर क्रिकेट सफर को समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने लंबे समय तक न्यूजीलैंड के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रावल ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जनवरी 2020 में न्यूजीलैंड के लिए खेला था। उन्होंने नवंबर 2016 में 28 साल की उम्र में न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम के लिए पदार्पण किया था। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने कुल 24 टेस्ट मैच खेले। इन मैचों की 39 पारियों में उन्होंने 1,143 रन बनाए, जिसमें एक शतक और सात अर्धशतक शामिल रहे। हालांकि उन्हें वनडे या टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका कभी नहीं मिला, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 164 प्रथम श्रेणी मैचों में 10,432 रन बनाए, जिसमें 24 शतक और 50 अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 256 रन रहा है।
पिता का सपना और घरेलू क्रिकेट में योगदान
जीत रावल का परिवार उनके पिता के एक खास सपने को पूरा करने के लिए भारत से न्यूजीलैंड जाकर बस गया था। उनके पिता की हार्दिक इच्छा थी कि उनका बेटा न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेले। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए परिवार ने अपना पूरा जीवन और परिवेश बदल दिया। रावल ने नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर ब्लैककैप्स का प्रतिनिधित्व करना उनके और उनके पिता के लिए एक साझा बचपन का सपना था। घरेलू स्तर पर वे ऑकलैंड और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की टीमों के प्रमुख स्तंभ रहे। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के महाप्रबंधक इयान सैंडब्रुक ने उनके योगदान को सराहते हुए कहा कि रावल टीम के लिए एक अनुभवी खिलाड़ी और प्रभावशाली लीडर थे। उनके शांत स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और रनों के योगदान को टीम हमेशा याद रखेगी। उन्हें एक भरोसेमंद खिलाड़ी और बेहतरीन टीममेट के रूप में जाना जाता रहेगा।
स्कूल के दिन और भविष्य की नई पारी
क्रिकेट के मैदान से बाहर आने के बाद जीत रावल ने अपने भविष्य के लिए एक अलग रास्ता चुना है। वे अब एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना पेशेवर करियर आगे बढ़ाएंगे। वह पहले से ही एक ऑडिटिंग फर्म में सीए की भूमिका निभा रहे हैं। रावल के शुरुआती दिनों की बात करें तो भारत में रहते हुए उनके और पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल के बीच काफी गहरी जुड़ाव थी। दोनों ने भारत में अपने स्कूली जीवन के दौरान विद्यानगर स्कूल में साथ में क्रिकेट खेला था। उस समय ये दोनों खिलाड़ी अपनी टीम के लिए पारी की शुरुआत करने आते थे। न्यूजीलैंड में अपने करियर के दौरान रावल ने 96 लिस्ट ए मैचों में 2,714 रन बनाए, जिसमें 4 शतक और 13 अर्धशतक शामिल रहे। साथ ही, उन्होंने 76 टी20 मैचों में 1,484 रन बनाए हैं, जिनमें 8 अर्धशतक शामिल हैं। रावल का क्रिकेट से यह विदाई एक लंबे और संघर्षपूर्ण सफर का समापन है, जो एक छोटे बच्चे के सपने से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा था।