अंडर-19 और अंडर-17 में खिताबी जंग
गोरखपुर में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान बालिका वर्ग में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। प्रतियोगिता के अंडर-19 वर्ग के फाइनल मैच में पीएम श्री राजकीय अयोध्या दास गर्ल्स इंटर कॉलेज का सामना डीएवी इंटर कॉलेज से हुआ। इस निर्णायक मुकाबले में अयोध्या दास गर्ल्स इंटर कॉलेज की टीम ने पूरी तरह से दबदबा बनाते हुए डीएवी इंटर कॉलेज को 22-04 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। वहीं, दूसरी ओर अंडर-17 आयु वर्ग का फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। इस वर्ग में मैना देवी इंटर कॉलेज बिलंदपुर खत्ता और एमजी इंटर कॉलेज आमने-सामने थे। काफी संघर्षपूर्ण रहे इस खेल में मैना देवी इंटर कॉलेज बिलंदपुर खत्ता ने अंततः एमजी इंटर कॉलेज को 30-25 के स्कोर से हराकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। दोनों ही वर्गों के मैचों में खिलाड़ियों ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया और पूरे समय खेल के मैदान पर ऊर्जावान बने रहे।
पुरस्कार वितरण और मैच का संचालन
टूर्नामेंट के समापन समारोह के दौरान विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष आयोजन हुआ। एमजी इंटर कॉलेज के शारीरिक शिक्षक विवेकानंद मिश्र ने मुख्य भूमिका निभाते हुए सभी सफल खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से सभी प्रतिभागी बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया और खेल के महत्व पर जोर दिया। मैच की कमेंट्री का जिम्मा डॉ. चंदन सिंह और सुशील त्रिपाठी ने संभाला था, जिन्होंने अपनी आवाज से दर्शकों और खिलाड़ियों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे मैच के दौरान मैदान पर खेल भावना के साथ अनुशासन का पालन किया गया। निर्णायक मंडल और कमेंटेटर्स की सक्रियता ने इस आयोजन को एक व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से उपस्थित लोगों का दिल जीता और खेल के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए बेहतरीन खेल का उदाहरण पेश किया, जिससे टूर्नामेंट का वातावरण काफी उत्साहपूर्ण बना रहा।
प्रतियोगिता का परिणाम और भविष्य की राह
इस बालिका कबड्डी प्रतियोगिता ने स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को अपनी कुशलता दिखाने का बेहतरीन मंच प्रदान किया। अंडर-14 आयु वर्ग के मुकाबले की स्थिति थोड़ी अलग रही। इस विशेष वर्ग में भाग लेने के लिए कोई अन्य प्रतिद्वंद्वी टीम उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण मैना देवी कॉलेज की अंडर-14 टीम को बिना खेले ही विजेता घोषित कर दिया गया। यह टीम अब सीधे जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी दावेदारी पेश करेगी और अगले चरण की तैयारी शुरू करेगी। इस तरह की प्रतियोगिताओं से जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और छात्राओं को अपने शारीरिक कौशल को निखारने का मौका मिलता है। खेल शिक्षकों और आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कबड्डी खेल के प्रति बालिकाओं में रुचि पैदा करना और उन्हें उच्च स्तर की खेल स्पर्धाओं के लिए तैयार करना है। आने वाले समय में इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर भविष्य के लिए नई प्रतिभाएं सामने आएंगी जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकती हैं।