कंटाप
NEWS
शनिवार, 24 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा को पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने होंगे, क्या होता है Peace Bond? सिग्नेचर ना करें तो क्या होगा      Tiger Sroff Attack Case में खुलासा, जंगल में शूटर्स ने की थी शूटिंग की प्रैक्टिस, हैंडलर्स से मिल रहा था इन      दिल्ली के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा ने आग लगाकर की खुदकुशी, 25 अक्टूबर को था जन्मदिन      अज़रबैजान का अतेशगाह अग्नि मंदिर, जहाँ देवनागरी में लिखा है श्री गणेशाय नमः, जानिए इतिहास      'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      ट्रम्प की ईरान पर फिर हमले की धमकी: तेहरान बोला- ऐसा किया तो समुद्र में बिछी इंटरनेट केबल काट देंगे; इससे ब...      'रामलीला मैदान की महारैली स्थगित करें, 10 हजार करोड़ का बिजनेस होगा प्रभावित'; राहुल को कारोबारियों की चिट्ठी      लॉरेंस बिश्नोई का जानी दुश्मन, एल्विश के घर फायरिंग, कौन है मोस्ट वांटेड गैंगस्टर 'छोटा डॉन हिमांशु भाऊ'?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
खेल

खेल के मैदान से सनसनीखेज खबर: युवा भारतीय निशानेबाज ने आईएसएसएफ विश्व कप में जीता स्वर्ण पदक

नई दिल्ली में आयोजित आईएसएसएफ निशानेबाजी विश्व कप के 10 मीटर एयर पिस्टल मुकाबले में 19 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है।

X
Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 00:00
खेल के मैदान से सनसनीखेज खबर: युवा भारतीय निशानेबाज ने आईएसएसएफ विश्व कप में जीता स्वर्ण पदक

राजधानी दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में चल रहे आईएसएसएफ विश्व कप 2026 में आज भारत के उभरते हुए निशानेबाज मयंक प्रताप सिंह ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। मात्र 19 वर्ष की आयु के मयंक ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में बेहद रोमांचक मुकाबले के दौरान विश्व के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता के अंतिम क्षणों तक कोरियाई और फ्रांसीसी निशानेबाजों से कड़ी टक्कर मिल रही थी, लेकिन मयंक ने अपने संयम और अचूक निशाने का परिचय देते हुए 244.8 का शानदार कुल स्कोर बनाया और पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।

खिलाड़ी की कड़ी मेहनत और संघर्ष की कहानी जीत के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मयंक ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और राष्ट्रीय कोच के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे इस प्रतियोगिता के लिए विशेष प्रशिक्षण ले रहे थे और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे थे। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भी युवा निशानेबाज की इस असाधारण उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है और आने वाले एशियाई खेलों के लिए उनकी तैयारी को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है।

देशभर में जश्न का माहौल और बधाइयों का तांता इस ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत के बाद खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से मयंक प्रताप सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सफलताएं देश के अन्य युवाओं को भी ओलिंपिक खेलों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित करेंगी तथा भारत को एक ग्लोबल स्पोर्ट्स पावरहाउस के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज