जम्मू और श्रीनगर कार्यालयों में दस्तावेजों की ताबड़तोड़ जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने हाल ही में खेल कोटे के अंतर्गत तैयार की गई चयन सूचियों की प्रमाणिकता को परखने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इसी क्रम में जम्मू और श्रीनगर दोनों मुख्य शहरों में स्थित स्पोर्ट्स काउंसिल के दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया गया तथा वहां रखे गए तमाम महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स को अपने कब्जे में लेकर जांचा गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान खेल कोटे के जरिए विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों के चयन के लिए अपनाए गए पैमानों, पात्रता प्रमाण पत्रों और अंक तालिकाओं की बारीकी से पड़ताल की गई है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भाई-भतीजावाद को बढ़ावा तो नहीं दिया गया है। पिछले कुछ समय से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसीबी ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि प्रशासनिक तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। दस्तावेजों की यह छानबीन आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम सरकारी विभागों और स्वायत्त निकायों में खेल कोटे के माध्यम से मिलने वाली नौकरियों और दाखिलों का उद्देश्य हमेशा से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना रहा है ताकि वे देश और राज्य का नाम रोशन कर सकें। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई शिकायतें सामने आती रही हैं जहां अपात्र व्यक्तियों द्वारा अनुचित माध्यमों से इस कोटे का लाभ उठाने के प्रयास किए गए। जब भी खेल कोटे की सूचियों में धांधली की बात सामने आती है, तो यह सीधे तौर पर उन मेहनती खिलाड़ियों के अधिकारों का हनन होता है जिन्होंने वर्षों तक मैदान पर पसीना बहाया है। स्पोर्ट्स काउंसिल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े मामलों में इस प्रकार की जांच होना प्रशासनिक जवाबदेही को तय करने के लिहाज से बेहद आवश्यक माना जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के पीछे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी स्तर पर खेल कोटे के आवंटन में कोई कोताही न बरती जाए और केवल योग्य उम्मीदवारों को ही उनका हक मिल सके। जांच एजेंसियों की ऐसी सख्त कार्यवाहियों से महकमों में सतर्कता बढ़ती है और नियमों का सख्ती से पालन करने की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
आगामी विधिक कार्रवाई और खेल जगत की तीखी प्रतिक्रिया एसीबी द्वारा की जा रही इस औचक छानबीन के बाद से खेल संगठनों और खिलाड़ियों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और सभी की निगाहें जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि यदि रिकॉर्ड्स की जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है। खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संघों ने इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे व्यवस्था में व्याप्त कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी और चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बनेगी। आने वाले दिनों में एसीबी इस मामले में कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों से पूछताछ भी कर सकती है ताकि पूरी साजिश या लापरवाही की तह तक पहुंचा जा सके। राज्यभर के खेल जगत में इस बात को लेकर संतोष है कि आखिरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना प्रबल हो गई है।