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खेल महाकुंभ की तैयारी: छत्तीसगढ़ मांगेगा 40 वें नेशनल गेम्स की मेजबानी
छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और राज्य को एक बड़े मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में आगामी 40 वें नेशनल गेम्स की मेजबानी हासिल करने को लेकर गंभीर चर्चा हुई है।
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Ankit Yadav
13 सित 2026, 14:20
छत्तीसगढ़ राज्य में खेल संस्कृति को सशक्त करने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य ओलंपिक संघ ने अपनी कमर कस ली है। हाल ही में हुई छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की महत्वपूर्ण बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि राज्य को भविष्य के खेल महाकुंभ यानी 40 वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश करनी चाहिए। इस दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जा रहा है जिसके तहत खेल बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक तैयारियों को गति दी जाएगी।
खेल उत्कर्ष मिशन और बुनियादी ढांचे का विकास
छत्तीसगढ़ में खेल के स्तर को ऊपर उठाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें खेल उत्कर्ष मिशन जैसी महत्वपूर्ण पहल भी शामिल हैं। संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि यदि राज्य को नेशनल गेम्स जैसे प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी मिलती है, तो इससे न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि राज्यभर में आधुनिक खेल स्टेडियमों, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभूतपूर्व विकास होगा। इस आयोजन के जरिए राज्य सरकार खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि विभिन्न खेलों के लिए खिलाड़ियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण कैसे प्रदान किया जाए ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। लखनऊ, बिहार और दिल्ली जैसे अन्य प्रमुख राज्यों के खेल मॉडलों और वहां की खेल अकादमियों के अनुभवों से भी सीख लेते हुए छत्तीसगढ़ में एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। ओलंपिक संघ के सदस्य मानते हैं कि एक व्यवस्थित योजना के बिना इतने बड़े स्तर के आयोजन की मेजबानी हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए शुरुआती चरण से ही हर पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है।
आगामी रणनीतियाँ और प्रशासनिक कदम
मेजबानी के अधिकार हासिल करने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के समक्ष एक मजबूत प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ ने राज्य के खेल विभाग के साथ मिलकर समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है। आने वाले हफ्तों में विभिन्न खेल संघों के साथ और दौर की बैठकें होंगी जिनमें स्टेडियमों की क्षमता, खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राज्य के खेल प्रेमियों और युवाओं के बीच इस खबर के आने के बाद से काफी उत्साह देखा जा रहा है। यदि छत्तीसगढ़ 40 वें नेशनल गेम्स की मेजबानी पाने में सफल रहता है, तो यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा खेल आयोजन होगा। इससे खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकेंगे। संघ के अधिकारी जल्द ही इस प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर संबंधित उच्च अधिकारियों और ओलंपिक संघ के पटल पर रखेंगे।