जनता दल यूनाइटेड के भीतर सांगठनिक कसावट लाने के क्रम में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत नौशाद को तीसरी बार पार्टी के खेल प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस निर्वाचन के बाद स्थानीय स्तर पर खेल प्रेमियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया है तथा इसे उनके द्वारा पूर्व में किए गए संगठनात्मक कार्यों का उचित प्रतिफल बताया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उनके पिछले कार्यकाल के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए उन पर एक बार फिर भरोसा जताया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए पुराने और अनुभवी चेहरों पर ही दांव खेला जा रहा है। इस घोषणा के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उनके चयन पर संतोष व्यक्त किया है।
किसी भी राजनीतिक दल के लिए उसका खेल प्रकोष्ठ युवाओं को जोड़ने और जमीनी स्तर पर अपनी पैठ मजबूत करने का एक बेहद प्रभावी माध्यम माना जाता है। जदयू जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टी में खेल प्रकोष्ठ की भूमिका युवाओं को मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नौशाद का इस पद पर लगातार तीसरी बार चुना जाना यह दर्शाता है कि वे न केवल पार्टी की आंतरिक रणनीति और कार्यशैली से भली-भांति परिचित हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ भी काफी मजबूत है। पिछले दो कार्यकालों के दौरान उन्होंने संगठन विस्तार और खेल आयोजनों के माध्यम से पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया था, जिसे आधार बनाकर पार्टी नेतृत्व ने उनके नेतृत्व कौशल पर मुहर लगाई है। इस प्रकार की नियुक्तियां अक्सर संगठन के भीतर एक संदेश देती हैं कि निरंतर सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं को ही उचित मंच और सम्मान मिलता है।
इस नई नियुक्ति के बाद नौशाद के सामने आने वाले दिनों में संगठन को और अधिक सुदृढ़ करने और आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। खेल प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष के रूप में उनका यह तीसरा कार्यकाल यह तय करेगा कि पार्टी ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को अपने साथ किस प्रकार जोड़ती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के सांगठनिक बदलाव और निरंतरता पार्टी को आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं क्योंकि मजबूत स्थानीय नेतृत्व ही किसी दल की असली ताकत होता है। उनके समर्थकों को उम्मीद है कि उनके इस नए कार्यकाल में खेल और खिलाड़ियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को और अधिक प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा संगठन को और अधिक गतिशीलता प्रदान की जाएगी।