सीमित ओवरों के मास्टर माइकल बेवन
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पटल पर माइकल बेवन का नाम एक महान मैच फिनिशर के रूप में बेहद आदर के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने शानदार पचास ओवर के करियर के दौरान दो सौ बत्तीस मुकाबलों में शिरकत की थी। इस सफर में उन्होंने तिरपन दशमलव पांच आठ की बेहतरीन औसत के साथ कुल उनहत्तर सौ बारह रन अपने नाम किए। उनके इस प्रदर्शन के खाते में छह शानदार शतक और छियालीस अर्धशतक भी मजबूती से दर्ज हैं। इसके विपरीत जब उनके पारंपरिक पांच दिवसीय सफर का आकलन किया जाता है तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। उन्होंने केवल अठारह मुकाबलों में लाल गेंद का सामना किया और उन्तीस की साधारण औसत से मात्र सात सौ पचासी रन ही जुटाए। हालांकि घरेलू स्तर पर प्रथम श्रेणी मुकाबलों में उन्होंने अपनी क्षमता का लोहा मनवाते हुए अड़सठ शतक जड़े थे जो उनकी तकनीकी क्षमता का एक अलग ही पहलू बयां करता है।
गेंदबाजी और बल्लेबाजी के अनोखे आंकड़े
दक्षिण अफ्रीका के सबसे बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में शुमार किए जाने वाले इमरान ताहिर ने छोटे प्रारूपों में बल्लेबाजों के होश उड़ाए। अपने अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय सफर में उन्होंने एक सौ सात मुकाबले खेलकर कुल एक सौ तिहत्तर बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके अलावा अडतीस बीस-बीस ओवर के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी उन्होंने अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए कुल एक सौ तिहत्तर शिकार किए। लेकिन इसके उलट उनके टेस्ट करियर का ग्राफ बेहद साधारण नजर आता है जिसमें उन्होंने मात्र बीस मुकाबले खेले। इन बीस मैचों में वह केवल सत्तावन विकेट ही अपने नाम करने में सफल हो सके जो उनके सीमित ओवरों के आंकड़ों की तुलना में काफी कम है। दूसरी ओर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपने लंबे सफर में गेंद और बल्ले दोनों से अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने पचास ओवर के मुकाबलों में अस्सी सौ चौसठ रन बनाए और साथ ही तीन सौ पचानवे विकेट भी अपनी झोली में डाले। इसके बाद छोटे प्रारूप में उन्होंने चौदह सौ सोलह रन और अट्ठारह विकेट हासिल किए। हालांकि टेस्ट प्रारूप की बात की जाए तो वह केवल सत्ताईस मैच ही खेल सके जिसमें उनके नाम सत्तर सौ सोलह रन और अड़तालीस विकेट दर्ज हुए।
युवराज सिंह और मार्टिन गुप्टिल का प्रदर्शन
भारतीय क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज युवराज सिंह को सीमित ओवरों के इतिहास में दुनिया के सबसे घातक बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने अपने दो सौ अत्तर पारियों वाले एक दिवसीय सफर में सत्तासी सौ एक रनों का भारी भरकम अंबार लगाया। इसके अलावा बीस ओवर के अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में वह एक ही ओवर की सभी छह गेंदों पर छह छक्के जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। लेकिन जब बात लाल गेंद के खेल की आई तो वह अपनी इस लय को बिल्कुल भी बरकरार नहीं रख पाए। उन्होंने अपने करियर में चालीस टेस्ट मैच खेले जिनमें वह केवल उन्नीस सौ रन ही बना पाने में सफल रहे। न्यूजीलैंड के धुरंधर मार्टिन गुप्टिल ने भी छोटे प्रारूपों में रनों का अंबार लगाकर अपनी एक अलग ही पहचान बनाई। उन्होंने एक सौ छानवे पचास ओवर के मैच और एक सौ बाइस बीस-बीस ओवर के मुकाबले खेले। पचास ओवर के खेल में उनके बल्ले से दो सौ सैंतीस रनों की ऐतिहासिक दूसरी सबसे बड़ी पारी भी निकली थी। इस प्रारूप में उन्होंने कुल तिहत्तर सौ छियालीस और छोटे प्रारूप में पैंतीस सौ इकतीस रन बनाए। इसके बावजूद सैंतालीस टेस्ट मुकाबलों में उन्तीस की साधारण औसत के साथ उनके बल्ले से केवल पच्चीस सौ छियासी रन ही निकल सके।