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नया अवसर: बीसीसीआई ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन हेड के पद के लिए आवेदन मांगे
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन के नए प्रमुख पद हेतु योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
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Ankit Yadav
12 सित 2026, 13:26
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन के प्रमुख यानी हेड के पद पर नियुक्ति हेतु आधिकारिक रूप से आवेदन मांगे हैं। इस घोषणा के बाद देश और दुनिया भर के खेल चिकित्सा और विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। बोर्ड इस प्रतिष्ठित पद पर ऐसे अनुभवी पेशेवर को लाना चाहता है जो खिलाड़ियों की फिटनेस, रिहैबिलिटेशन और उनके संपूर्ण स्वास्थ्य प्रबंधन की देखरेख में अपनी उत्कृष्ट विशेषज्ञता का योगदान दे सके।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका
यह केंद्र भारतीय क्रिकेटरों के विकास, उनके प्रशिक्षण और चोट से उबरने की प्रक्रियाओं में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ा पैमाना बन चुकी है, और व्यस्त तथा चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट रखना किसी भी टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होता है। इस पद की जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति को खिलाड़ियों की कार्यभार प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट), चोटों की रोकथाम और रिकवरी प्रोटोकॉल को आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से डिजाइन और क्रियान्वित करना होगा, ताकि भारतीय क्रिकेट का स्तर और अधिक ऊंचा उठाया जा सके।
बोर्ड का यह कदम खेल विज्ञान और आधुनिक तकनीक को भारतीय क्रिकेट के ढांचे में और गहराई से शामिल करने की उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर जिस प्रकार की संवेदनशीलता बढ़ी है, उसे देखते हुए इस शीर्ष पद की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होगी। योग्य और इच्छुक पेशेवर निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं, और चयन प्रक्रिया में उनके पिछले अनुभव, खेल विज्ञान में उनके योगदान और उनकी लीडरशिप क्षमताओं का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा।
भविष्य की रूपरेखा और उम्मीदें
चूंकि भारतीय खिलाड़ी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य विभिन्न राज्यों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाते हैं, ऐसे में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस का लाभ देश के हर उभरते हुए युवा खिलाड़ी तक पहुंचना आवश्यक हो गया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का यह नया प्रमुख न केवल सीनियर खिलाड़ियों के साथ काम करेगा, बल्कि राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के दायरे में आने वाले युवा और अंडर-19 खिलाड़ियों के फिटनेस और स्वास्थ्य पर भी अपनी पैनी नजर रखेगा। खेल जगत की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि बीसीसीआई इस अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण पद के लिए किस दिग्गज या विशेषज्ञ का चयन करती है, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य को फिटनेस के मामले में और अधिक मजबूत आधार दे सके।