रांची के मैदान पर रनों का महाकुंभ
भारत और वेस्टइंडीज की टीमों के बीच रांची के स्टेडियम में पांच मैचों की टी20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला आयोजित किया गया था। इस मैच में पिच बल्लेबाजी के लिए बेहद मुफीद साबित हुई और दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने मैदान पर रनों का अंबार लगा दिया। टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण मिलने पर भारतीय टीम ने मैदान पर उतरकर अपने निर्धारित 20 ओवर्स के खेल में कुल 249 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। संजू सैमसन ने इस पारी में अपनी बेहतरीन और उम्दा बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके जवाब में खेलने उतरी मेहमान वेस्टइंडीज टीम ने अपनी पारी की शुरुआत में ही पहले ओवर के भीतर अपने शुरुआती दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। शुरुआती झटकों के बावजूद मेहमान टीम के कप्तान शे होप ने मैदान पर डटकर मुकाबला किया और एक मैच जिताने वाली नाबाद शतकीय पारी खेली। कप्तान की इस शानदार शतकीय पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने निर्धारित लक्ष्य को केवल 18.3 ओवर्स में ही आसानी से हासिल कर लिया और एक ऐतिहासिक तथा रोमांचक जीत अपने नाम दर्ज कर ली।
चौकों और छक्कों की आंधी से बना रिकॉर्ड
रांची में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले के दौरान चौकों और छक्कों की ऐसी आंधी चली जिसने स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। इस पूरे मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 501 रनों का भारी भरकम योग बनाया। इस कुल योग का बड़ा हिस्सा बाउंड्री के जरिए आया क्योंकि मैच में कुल 382 रन केवल चौकों और छक्कों के दम पर ही बनाए गए थे। वेस्टइंडीज की टीम ने अकेले अपनी पारी के दौरान बाउंड्री के माध्यम से कुल 204 रन बटोरे। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा लक्ष्य का पीछा करते हुए बाउंड्री से बनाया गया यह दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस मामले में वेस्टइंडीज से आगे केवल बुल्गारिया की टीम है जिसने साल 2025 में जिब्राल्टर के खिलाफ मुकाबले के दौरान छक्कों और चौकों की मदद से कुल 214 रन बनाए थे। मैच के दौरान भारतीय गेंदबाजों की तरफ से भी प्रयास किए गए जिनमें मयंक यादव ने एक अत्यंत तीव्र और तूफानी गेंद फेंकी। इस तूफानी गेंद पर शिमरोन हेटमायर कुछ समझ पाते उससे पहले ही उनकी गिल्लियां हवा में बिखर चुकी थीं और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा।
टी20 इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी स्कोरिंग
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची के इस मुकाबले के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जुड़ गया है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के पूरे इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है जब किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 501 या उससे अधिक रनों का आंकड़ा छुआ हो। इससे पहले टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के एक ही मैच में सबसे अधिक रन बनने का विश्व रिकॉर्ड साल 2023 के दौरान बना था। वह मुकाबला साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों के बीच सेंचुरियन के मैदान पर खेला गया था जिसमें दोनों पक्षों ने मिलकर कुल 517 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। अब उस सर्वकालिक सूची में भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची के मैदान पर खेला गया यह मुकाबला सीधे दूसरे पायदान पर आ गया है। इस बीच क्रिकेट जगत से जुड़े अन्य घटनाक्रमों में चेन्नई सुपर किंग्स और कोच माइक हसी के रास्ते भी अलग हो गए हैं। फ्रेंचाइजी ने आगामी आईपीएल 2027 की तैयारियों को मजबूती देने के उद्देश्य से यह एक और बड़ा तथा महत्वपूर्ण फैसला लिया है।