विश्वविद्यालय परिसर में तैयार हुआ नया क्रिकेट मैदान
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के परिसर के भीतर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मानकों के अनुरूप एक नया खेल का मैदान बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से कुछ दिनों पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया था जिस पर विचार करने के बाद उसे स्वीकार कर लिया गया है। इस मंजूरी के मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रतिष्ठित मैदान पर आधिकारिक मुकाबले आयोजित करवाने के लिए जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कुलपति प्रो। विनय पाठक ने जानकारी दी है कि आने वाले बहुत जल्द समय में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद इस परिसर के अंदर स्थित खेल के मैदान पर चौकों और छक्कों की बरसात होती हुई दिखाई देगी। इतिहास में यह ऐसा बिल्कुल पहला अवसर होगा जब इस विश्वविद्यालय के अंदर रणजी स्तर के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा इस मैदान पर खिलाड़ियों के अभ्यास और चयन के लिए ट्रायल मैच भी आयोजित किए जाने की पूरी संभावना है ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर मिल सके।
ग्रीनपार्क के जीर्णोद्धार के कारण लिया गया नया फैसला
सिविल लाइंस क्षेत्र में गंगा नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम में अगले दो से तीन वर्षों तक मरम्मत और सुधार संबंधी कार्य चलने वाले हैं। इस वजह से कानपुर शहर में क्रिकेट गतिविधियों और मुकाबलों के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की थी। जब कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा की बैठक आयोजित की गई थी, तब बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला की उपस्थिति में इस नए खेल मैदान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई थी। उस बैठक में सभी पदाधिकारियों की सहमति से यह निर्णय लिया गया था कि बहुत जल्द इस परिसर में क्रिकेट मुकाबलों का आयोजन शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश टी-20 लीग के चेयरमैन डॉ। संजय कपूर ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें पूरी जानकारी है कि विश्वविद्यालय परिसर के भीतर नया स्टेडियम बनकर तैयार हो चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जब कभी भी आवश्यकता महसूस होगी, वे लोग मुकाबलों के आयोजन के लिए इस मैदान का उपयोग करने के वास्ते तुरंत पहुंच जाएंगे। इस प्रकार खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए कानपुर में क्रिकेट का एक नया और बेहतर विकल्प उपलब्ध हो गया है जिसके जरिए खेल गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
पिच और आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली से खिलाड़ियों को लाभ
ग्रीनपार्क स्टेडियम के मुख्य पिच क्यूरेटर ने कुछ समय पूर्व विश्वविद्यालय के इस नए स्टेडियम का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट दी थी। उन्होंने बताया था कि इस मैदान पर कुल सात अलग-अलग पिचें बनाई गई हैं जिससे उत्तर प्रदेश के सभी स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को काफी अधिक लाभ पहुंचेगा। जब हमारे राज्य के खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट खेलने के लिए दूसरे प्रदेशों में जाते हैं, तो उन्हें कहीं पर लाल मिट्टी से तैयार पिच मिलती है तो कहीं पर काली मिट्टी वाली पिच का सामना करना पड़ता है। अब जब ये सभी खिलाड़ी कानपुर के इस मैदान पर विभिन्न प्रकार की मिट्टी पर बनी पिचों पर जमकर अभ्यास कर लेंगे, तो वे अन्य राज्यों के मैदानों पर भी अपना बहुत शानदार प्रदर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा भविष्य में जब कानपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले खेले जाएंगे, तब भारतीय टीम और विरोधी टीम के खिलाड़ी इस विश्वविद्यालय के मैदान पर नेट अभ्यास कर सकेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी बताया है कि इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के पर्थ स्टेडियम जैसी अत्याधुनिक ड्रेनेज प्रणाली स्थापित की गई है। वहीं इंग्लैंड के लॉर्ड्स स्टेडियम की तर्ज पर विशेष बरमूडा घास लगाई गई है जिससे केवल आधे घंटे के भीतर पूरा मैदान बारिश के पानी से सूख जाएगा और आउटफील्ड बेहद शानदार बनी रहेगी। हवाई अड्डे से आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी यहां पहुंचना काफी सुगम रहेगा।