प्रशासनिक संकट से रद्द हुआ मुकाबला
अहमदाबाद में रविवार से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के महत्वपूर्ण मैच से अरुणाचल प्रदेश को बाहर होना पड़ा है। राज्य क्रिकेट संघ के भीतर चल रहे भारी विवाद और प्रशासनिक संकट के कारण नागालैंड के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला अब पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। राज्य स्तर पर चल रहे इन विवादों ने टीम के खिलाड़ियों के करियर और उनके खेलने के अवसरों पर सीधा बुरा असर डाला है। क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी एक बहुत बड़ा मंच माना जाता है, लेकिन संघ की आपसी खींचतान के कारण उन्हें इस टूर्नामेंट के पहले चरण में मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिल पाया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि राज्य क्रिकेट संघ का संचालन करने के लिए फिलहाल कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय की इटानगर पीठ में लंबित मामलों के चलते खिलाड़ियों को इस बार घर बैठना पड़ा है और उनके मैच रद्द होने से क्रिकेट प्रेमी काफी मायूस नजर आ रहे हैं।
संघ के चुनाव और अदालती पेच
अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ में सितंबर महीने में नए चुनाव संपन्न कराए गए थे, जिसके बाद नबम विवेक को संघ का अध्यक्ष चुन लिया गया था। हालांकि, इस चुनाव प्रक्रिया पर कई जिला संघों ने अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए और तुरंत ही गुवाहाटी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है और न्यायपीठ ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीसीआई को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से रोक दिया गया है। बीसीसीआई को निर्देश दिया गया है कि वह बिहार के मामले की तरह यहां कोई स्वतंत्र चयन पैनल का गठन न करे। जब तक अदालत से कोई स्पष्ट मंजूरी या दिशा-निर्देश नहीं मिल जाते, तब तक राज्य संघ के स्तर पर कोई भी बड़ा फैसला लेने की स्थिति में नहीं है। प्रशासन के इस ठप पड़ने का खामियाजा अंततः उन युवा खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है जो कड़ी मेहनत करके रणजी स्तर तक पहुंचने में सफल रहे थे।
खिलाड़ियों के भविष्य पर गहरा संकट
रणजी ट्रॉफी से पहले भी अरुणाचल प्रदेश की टीम को अपनी तैयारियों में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ा है। भुवनेश्वर में हाल ही में संपन्न हुए अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी के मैच में भी अरुणाचल प्रदेश की टीम सिक्किम के खिलाफ नहीं उतर सकी थी। प्रशासनिक विफलताओं का यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, जो राज्य के खेल भविष्य के लिए चिंताजनक है। पिछले रणजी सत्र के दौरान भी अरुणाचल प्रदेश का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था, जहां टीम प्लेट ग्रुप के अपने सभी पांचों मैच हार गई थी और अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी। अब मौजूदा संकट ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच नहीं मिल पा रहा है और इस तरह के प्रशासनिक विवाद खेल के स्तर को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। बिना किसी नेतृत्व के चल रहे संघ की गतिविधियों पर अब हर किसी की नजरें टिकी हैं कि आखिर कब तक यह कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध खत्म हो पाएगा।