स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का एक बड़ा मंच प्रदान करने के क्रम में सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की खेल स्पर्धाओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला के तहत हाल ही में आयोजित की गई एथलेटिक्स और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी ऊर्जा तथा कौशल का लोहा मनवाया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को बाहर लाना है ताकि वे आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। प्रतियोगिता के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक था और दर्शकों ने भी तालियां बजाकर उनका भरपूर समर्थन किया। खेल आयोजनों के इस सिलसिले से न केवल खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ रहा है बल्कि एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित हो रही है।
इस तरह के खेल महोत्सवों की परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य देश के हर कोने में खेलकूद की संस्कृति को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, ताकि युवा नशे और अन्य नकारात्मक गतिविधियों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें। वर्तमान समय में सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा खेलो इंडिया जैसी पहलों के साथ-साथ इस प्रकार के स्थानीय आयोजनों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे छोटे शहरों और गांवों के उन खिलाड़ियों को भी उचित अवसर मिल सके जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेल शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ टीम वर्क और अनुशासन की भावना को भी बढ़ावा देते हैं, जो एक युवा के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक है। आयोजकों और खेल प्रेमियों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से भविष्य के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं जो आने वाले समय में देश का नाम रोशन करेंगे।
आने वाले दिनों में इन प्रतियोगिताओं के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की योजना है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसमें शामिल होने का मौका मिल सके। विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने और उनके हौसले को बढ़ाने के लिए विशेष पुरस्कार वितरण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे अन्य युवाओं में भी खेलों के प्रति प्रेरणा जागृत हो। स्थानीय खेल संगठनों और कोचों का कहना है कि यदि इस तरह के आयोजन नियमित रूप से होते रहें, तो भारत के छोटे-छोटे कस्बों से भी विश्वस्तरीय एथलीट और खिलाड़ी निकलकर सामने आएंगे। इस सफल आयोजन के बाद से युवाओं में खेल के प्रति एक नया उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है, जो देश के खेल भविष्य के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।