एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में बड़ा बदलाव
पंजाब की मेजबानी में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन तय किया गया है। इसी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को चार प्रमुख खिलाड़ियों का अंतिम टूर्नामेंट माना जा रहा है। भारतीय हॉकी टीम के प्रबंधकों और चयनकर्ताओं के बीच इन वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर काफी विचार-विमर्श हुआ है। मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलकांत शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम इस चर्चा के केंद्र में रहे हैं। इन सभी अनुभवी खिलाड़ियों ने पिछले कई वर्षों से देश का गौरव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। अब चयन समिति चाहती है कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए नई पौध तैयार की जाए। इसी उद्देश्य के तहत पंजाब में होने वाले टूर्नामेंट को इन खिलाड़ियों के लिए विदाई का मंच बनाया जा सकता है। हॉकी फेडरेशन के एक अंदरूनी सूत्र ने नाम उजागर न करने की शर्त पर इन बातों की पुष्टि की है। चयनकर्ताओं का मानना है कि लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों से पहले नई पीढ़ी को पर्याप्त अनुभव मिलना जरूरी है।
वरिष्ठ खिलाड़ियों का शानदार सफर
स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने अपने लंबे करियर में 301 मुकाबले खेले हैं और FIH के आंकड़ों के मुताबिक उनके नाम 128 गोल दर्ज हैं। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने 11 बार हैट्रिक बनाने का कारनामा किया है। उनके खाते में ओलंपिक के दो ब्रॉन्ज और एशियन गेम्स के दो गोल्ड व एक ब्रॉन्ज मेडल जैसी बड़ी उपलब्धियां हैं। वहीं 30 वर्षीय डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह ने 171 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 8 गोल किए हैं। जरमनप्रीत पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं और 2022 व 2026 के एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा अमित रोहिदास ने 257 मैचों में शिरकत करके 38 गोल दागे हैं। पेनल्टी कॉर्नर के वक्त ड्रैग फ्लिक रोकने वाले शुरुआती रक्षकों में शुमार 33 वर्षीय रोहिदास टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदकों का हिस्सा रहे। मणिपुर के निवासी 31 वर्षीय मिडफील्डर नीलकांत शर्मा ने 162 मैच खेलकर 19 गोल अपने नाम किए हैं और वे भी ओलंपिक व एशियाई खेलों की विजेता टीमों का हिस्सा रहे हैं।
लॉस एंजिलिस ओलंपिक की भविष्य की तैयारी
हॉकी इंडिया के सूत्रों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया टीम में सुचारु बदलाव लाने के लिए शुरू की गई है। मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए एक बेहद मजबूत और ऊर्जावान दल का गठन करना है। इन वरिष्ठ खिलाड़ियों के योगदान को देश हमेशा याद रखेगा क्योंकि इन्होंने कठिन समय में भी भारतीय टीम को संभाला है। अब जबकि नए खिलाड़ियों को मैदान पर अपनी कला दिखाने का अवसर देने का समय आ चुका है, प्रबंधन ने यह कड़ा निर्णय लिया है। इन दिग्गजों की विदाई से टीम की संरचना में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा जो आने वाले समय में असरदार साबित होगा। फेडरेशन के सूत्र ने स्पष्ट किया कि देश के लिए इन चार खिलाड़ियों की बेमिसाल सेवाओं का सम्मान किया जाता है। पंजाब का आगामी टूर्नामेंट इन महान खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय अध्याय का अंतिम पड़ाव साबित हो सकता है। युवा ऊर्जा और अनुभवी मार्गदर्शन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।