आखिरी वनडे मैच का रोमांचक परिणाम
भारत और वेस्टइंडीज के बीच न्यू चंडीगढ़ के स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में मेजबान टीम को पांच विकेट से पराजय झेलनी पड़ी। इस तीन मैचों की पूरी श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम क्लीन स्वीप करने में सफल नहीं हो सकी क्योंकि आखिरी मैच कैरेबियाई खिलाड़ियों के नाम रहा। मुकाबले में मेहमान टीम के सामने जीत के लिए 352 रनों का बहुत बड़ा लक्ष्य रखा गया था जिसे उन्होंने बहुत ही शानदार तरीके से हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही संभलकर खेलते हुए रन गति को बनाए रखा और निर्धारित ओवरों के समाप्त होने से पहले ही मैच अपने नाम कर लिया। विपक्षी टीम के कप्तान ने अकेले दम पर मैदान पर खड़े रहकर अपनी टीम को इस बड़े लक्ष्य तक पहुँचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। मेहमान टीम के लिए यह जीत बहुत महत्वपूर्ण रही क्योंकि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और सीरीज के अंतिम मैच में अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। इस प्रकार भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर इस मुकाबले को बचाने में नाकाम रही और मेहमान खिलाड़ियों ने बाजी मार ली।
विंडीज कप्तान की ऐतिहासिक पारी और रिकॉर्ड
वेस्टइंडीज की इस सनसनीखेज जीत के केंद्र में उनके कप्तान शे होप रहे जिन्होंने 162 रनों की नाबाद और बेहद शानदार पारी खेली। जब मेहमान टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो होप ने जॉन कैम्पबेल के साथ पारी की शुरुआत की और मैदान पर डटे रहे। कैम्पबेल के केवल दस रन बनाकर आउट होने के बाद कप्तान का साथ देने आमिर जांगू क्रीज पर आए। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण 109 रनों की साझदारी हुई जिसने पारी को एक मजबूत आधार प्रदान किया। जांगू के पवेलियन लौटने के बाद भी होप ने एक छोर संभाले रखा और रनों की रफ्तार को बिल्कुल भी धीमा नहीं पड़ने दिया। अंततः विंडीज टीम ने 48.2 ओवरों में ही 352 रनों के इस विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दम पर कैरेबियाई कप्तान ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। वह अब भारत के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में रन चेज करते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा वह वनडे फॉर्मेट में बतौर कप्तान और विकेटकीपर रन चेज करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।
दिग्गजों के पुराने रिकॉर्ड टूटे और प्रतिक्रिया
शे होप ने अपनी इस रिकॉर्ड तोड़ पारी के दौरान सत्रह साल पुराने एक बड़े रिकॉर्ड को ध्वस्त करने का काम किया। इससे पहले यह खास उपलब्धि श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी तिलकरत्ने दिलशान के नाम दर्ज थी जिन्होंने साल 2009 में राजकोट वनडे के दौरान रन चेज करते हुए 160 रन बनाए थे। इस सूची में अन्य दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं जिनमें इंग्लैंड के एंड्रयू स्ट्रॉस ने साल 2011 में बेंगलुरु में 158 रन बनाए थे और सनथ जयसूर्या ने साल 1997 में 151 रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके अलावा होप ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान के 122 रनों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इस मैच की एक और खास बात यह रही कि दोनों टीमों के विकेटकीपर बल्लेबाजों ने शतक लगाए जो वनडे इतिहास में केवल आठवीं बार हुआ है। मैच समाप्त होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार के बाद अपना बयान दिया और कहा कि आगामी विश्व कप से पहले यह परिणाम अच्छा संकेत नहीं है। इस मुकाबले में हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों को आगामी टूर्नामेंट से पहले अपनी रणनीतियों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।