वाराणसी में खेली गई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के बड़ालालपुर इलाके में स्थित भीमराव अंबेडकर खेल परिसर के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर हाल ही में राज्य स्तर की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में प्रदेश भर से आई बेहतरीन टीमों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दर्शकों से खचाखच भरे मैदान पर फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक माहौल के बीच खेला गया जिसमें दो बेहतरीन टीमें आमने-सामने थीं। खेल के हर पल पर दर्शकों की नजरें टिकी हुई थीं क्योंकि दोनों पक्षों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही थी। खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी बेहतरीन स्टिक वर्क और रणनीति का परिचय देते हुए खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। निर्धारित समय तक दोनों ही टीमें एक-दूसरे पर बढ़त बनाने के लिए संघर्ष करती रहीं। अंत तक चले इस मुकाबले में दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक था कि इस खिताबी लड़ाई में कौन बाजी मारेगा। मैदान की बेहतरीन सुविधाओं और कृत्रिम घास के मैदान पर खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और खेल कौशल का उत्कृष्ट नमूना पेश किया जिससे इस आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई। स्थानीय खेल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला एक यादगार अनुभव साबित हुआ क्योंकि इसमें उत्तर प्रदेश के उभरते हुए युवा हॉकी खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा मंच मिला।
फाइनल मुकाबले का रोमांचक और कड़ा संघर्ष
खिताबी मुकाबले में स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ और स्पोर्ट्स हॉस्टल वाराणसी की टीमें आमने-सामने थीं और दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच के निर्धारित खेल समय तक दोनों ही टीमें दो-दो गोल की बराबरी पर थीं जिससे मुकाबला बेहद तनावपूर्ण हो गया। कोई भी टीम हार मानने को तैयार नहीं थी और खेल के हर मिनट पर रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा था। जब तय समय में विजेता का फैसला नहीं हो सका तब मैच का परिणाम निकालने के लिए टाईब्रेकर नियम का सहारा लिया गया। टाईब्रेकर के इस बेहद दबाव वाले क्षण में स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के खिलाड़ियों ने शानदार संयम और सटीकता का परिचय दिया। लखनऊ की टीम ने इस निर्णायक दौर में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे। इसके मुकाबले स्पोर्ट्स हॉस्टल वाराणसी की टीम केवल तीन गोल ही कर सकी और इस प्रकार लखनऊ ने चार के मुकाबले तीन गोल से जीत हासिल की। इस रोमांचक शूटआउट में मिली जीत के साथ ही स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ ने चैंपियनशिप की प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया। हारने वाली टीम स्पोर्ट्स हॉस्टल वाराणसी इस टूर्नामेंट की उपविजेता घोषित की गई। खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी पसीना बहाकर इस मुकाम को हासिल किया था और उनकी यह मेहनत अंततः रंग लाई। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए पूरे मैच के दौरान बेहतरीन अनुशासन दिखाया जिसकी वहां मौजूद दर्शकों और खेल प्रेमियों ने भी खुलकर सराहना की।
विजयी खिलाड़ियों को मिला सम्मानित पुरस्कार
टाईब्रेकर के रोमांचक संघर्ष के बाद हुए भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। क्षेत्रीय खेल अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने अपने करकमलों से विजेता टीम स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ को प्रतियोगिता की मुख्य ट्रॉफी प्रदान की। ट्रॉफी हासिल करते ही लखनऊ के खिलाड़ियों का चेहरा खुशी से खिल उठा और उन्होंने अपनी इस बड़ी सफलता का जश्न मनाया। इस गरिमामयी अवसर पर खेल जगत और शिक्षा जगत से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियां भी मैदान पर उपस्थित थीं। जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह इस पूरे आयोजन के दौरान विशेष रूप से मौजूद रहे और उन्होंने खिलाड़ियों की पीठ थपथपाई। उनके साथ-साथ विकास इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सभी फाइनलिस्ट खिलाड़ियों को उनके बेहतरीन खेल के लिए बधाई दी। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के राज्य स्तरीय आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की प्रेरणा मिलती है। टूर्नामेंट के दौरान रेफरी और आयोजकों की भूमिका भी सराहनीय रही जिन्होंने पूरे मुकाबले को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया। उपविजेता रही स्पोर्ट्स हॉस्टल वाराणसी की टीम के प्रदर्शन की भी सभी ने प्रशंसा की क्योंकि उन्होंने फाइनल मुकाबले में लखनऊ को कड़ी चुनौती दी थी। इस प्रकार यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए भविष्य की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी का एक बेहतरीन मंच साबित हुई।