मुंबई में कार्यक्रम के दौरान दी जानकारी
देश के सबसे प्रमुख एथलीटों में शुमार और ओलंपिक मंच पर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा ने हाल ही में मुंबई शहर का दौरा किया। वहां उन्होंने '2026 ऑडी Q3' के अनावरण समारोह के अवसर पर मीडिया कर्मियों से खुलकर बातचीत की। अपनी बात रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शारीरिक समस्या से उबरने की प्रक्रिया में पूरी मेहनत कर रहे हैं। टोक्यो 2020 में स्वर्ण पदक जीतने वाले और पेरिस 2024 में रजत पदक हासिल करने वाले इस धुरंधर ने कहा कि आगामी वर्ष में वह बेहद मजबूत स्थिति के साथ खेल के मैदान पर उतरना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनका असली और बड़ा लक्ष्य वर्ष 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में अपनी सर्वश्रेष्ठ खेल क्षमता का परिचय देना है। वर्तमान समय में वह पूरी तरह से अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं ताकि उनका पुराना फॉर्म लौट सके।
चोट के कारण नहीं खेल पाए थे एशियाई खेल
इस उत्कृष्ट एथलीट को हाल ही में जापान में आयोजित एशियाई खेलों से बाहर बैठना पड़ा था क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति इसकी अनुमति नहीं दे रही थी। अभ्यास सत्र के दौरान उनके टखने के लिगामेंट में गंभीर चोट लग गई थी जिसके कारण वह पूरे सत्र से दूर हो गए। इस बड़ी परेशानी के बावजूद उन्होंने जापान में हुए मुकाबलों में उतरे अन्य देश के एथलीटों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके और किशोर जेना के वहां अनुपस्थित रहने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में यशवीर सिंह और रोहित यादव ने शानदार खेल दिखाते हुए देश के लिए दो पदक जीते। यशवीर ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम किया जबकि रोहित ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस शानदार उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इन उभरते हुए युवाओं का इस प्रकार आगे आना देश के खेल भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।
युवा खिलाड़ियों के लिए दी सलाह
देश के इस शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ी ने देश के नई पीढ़ी के एथलीटों को भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखकर यह विश्वास जताया कि हमारे यहां खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और आने वाला समय और भी बेहतर होगा। इन युवा एथलीटों को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने विशेष रूप से सलाह दी कि वे अपने शरीर का अच्छे से ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को हर संभव प्रयास करना चाहिए ताकि वे किसी भी प्रकार की गंभीर चोट से बचे रहें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी को खेल की मूल भावना का आनंद लेते हुए अपनी स्पर्धाओं में हिस्सा लेना चाहिए। पिछले एशियाई खेलों के परिणाम का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि उस समय भी देश ने दो पदक जीते थे जिनमें एक स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल था। इस बार भी उतने ही पदक आना यह साबित करता है कि देश में इस खेल का स्तर लगातार ऊंचा उठ रहा है और युवा खिलाड़ी बड़ी सफलता हासिल करने की पूरी क्षमता रखते हैं।