स्वर्ण विजेता खिलाड़ियों की भेंट
बीसवें एशियाई खेलों के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की तीन प्रमुख सदस्य हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मिलने पहुँचीं। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने इन सभी बेटियों को महाद्वीपीय प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए अपनी तरफ से हार्दिक बधाई दी और उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की सराहना की। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक हिमाचली टोपी तथा शॉल पहनाकर इन सभी मेधावी खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और उनका उत्साहवर्धन किया। जिन खिलाड़ियों ने यह गौरव हासिल किया है उनमें पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर शामिल हैं जो प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ताल्लुक रखती हैं। इन खिलाड़ियों ने देश के लिए खेलते हुए फाइनल मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाया और स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री ने इन खिलाड़ियों के साथ खेल के मैदान के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की और उनकी मेहनत को सराहा।
करोड़पति पुरस्कार और सरकारी नौकरी
राज्य सरकार ने इन विजेता खिलाड़ियों के शानदार योगदान को देखते हुए उन्हें एक-एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम पुरस्कार राशि प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके साथ ही इन तीनों स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी सेवा में नौकरी देने की भी पक्की घोषणा की गई है। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो खिलाड़ी पुलिस विभाग के अंतर्गत अपनी सेवाएँ देने की इच्छुक नहीं होंगी, उन्हें युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में उचित पदों पर नियुक्त किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि ये खिलाड़ी अपनी नौकरी के साथ-साथ अपने खेल करियर को भी बिना किसी बाधा के आगे जारी रख सकें। सरकार जल्द ही एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन करेगी जिसमें इन सभी घोषणाओं को अमलीजामा पहनाते हुए यह तयशुदा पुरस्कार राशि औपचारिक रूप से सौंपी जाएगी। महिला क्रिकेट टीम की शानदार खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को भी उनकी खेल उपलब्धियों के सम्मानस्वरूप एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दिए जाने की घोषणा की गई है।
खेल नीति में बदलाव और अधोसंरचना
प्रदेश की सरकार ने हाल ही में अपनी खेल नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं ताकि खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सके। इस नीतिगत बदलाव का सीधा फायदा राज्य के उन तमाम खिलाड़ियों को मिल रहा है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश तथा प्रदेश का नाम ऊँचा कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य के भीतर खेल से जुड़ी भौतिक अधोसंरचना को पूरी तरह से मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतरीन सुविधाएँ मिल सकें। बेहतर खेल मैदान और आधुनिक प्रशिक्षण मिलने से राज्य के युवा खिलाड़ी आगे चलकर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे। खेल विभाग द्वारा उठाए जा रहे इन तमाम कदमों से स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवा वर्ग खेलों में अधिक से अधिक रुचि लेगा। सरकार की यह कोशिश है कि खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित किया जाए ताकि वे बिना किसी चिंता के केवल अपने खेल प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।